नौतपा में करें यह काम और पाए धान का भरपूर उत्पादन      Publish Date : 20/05/2026

नौतपा में करें यह काम और पाए धान का भरपूर उत्पादन

                                                                                  प्रोफेसर आर. एस. सेंगर एवं डॉ0 शालिनी गुप्ता

यदि आप धान खेती करते हैं या इस बार धान बोने की सोच रहे हैं तो तैयार हो जाएं, 25 मई से लगने जा रहा है नौतपा धान जो धान के किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। नौतपा के दौरान किसान की थोड़ी सी मेहनत आगे चलकर धान की बंपर उपज का कारण बन सकती है। हमारे कृषि वैज्ञानिक ने बताया कि किसानों को कब, कैसे और क्या करना है।

मध्य प्रदेश में धान की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। देश में खरीफ सीजन में धान एक प्रमुख फसल मानी जाती है। इस बार 25 मई से रोहिणी नक्षत्र में सूर्य के प्रवेश के साथ नौतपा शुरू होगा। अगले 9 दिनों तक पड़ने वाली यह भीषण गर्मी धान के किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं मानी जा रही है।

                                 

सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कृषि वैज्ञानिक डॉ. आर. एस. सेंगर ने बताया कि नौतपा के दौरान खेतों की सही तैयारी करने से धान की पैदावार में बड़ा फायदा मिलता है। इस समय खेतों की गहरी जुताई करने से मिट्टी में छिपे कीट और उनके अंडे तेज धूप में नष्ट हो जाते हैं, जिससे फसल में बाद में कीटों का खतरा कम हो जाता है। कई किसान बिना खेत तैयार किए सीधे धान की बुवाई कर देते हैं, जिससे धान का उत्पादन प्रभावित होता है।

मशीन से करें गहरी जुताई

डॉ. सेगर ने बताया कि 1नौतपा से लेकर जून के मध्य तक एमबी प्लाउ मशीन से गहरी जुताई करना बेहद फायदेमंद होता है। इससे मिट्टी की निचली परत ऊपर आ जाती है और तेज तापमान के कारण हानिकारक कीट खत्म हो जाते हैं। साथ ही मिट्टी की जल धारण क्षमता भी बढ़ती है, जिससे पौधों की जड़ों का विकास बेहतर होता है और उत्पादन में 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो सकती है।

बढ़ जाएगी मिट्टी की उर्वरता

हमारे कृषि वैज्ञानिक ने किसानों को खेत तैयार करने के बाद कुछ समय तक पानी भरकर छोड़ने की सलाह दी है। इसके बाद धान रोपाई से पहले सनई, ढैंचा या मूंग की बुवाई करनी चाहिए, फसल तैयार होने पर उसे खेत में ही पलट देने से प्राकृतिक हरित खाद तैयार होती है, जो मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में मदद करती है। कृषि वैज्ञानिक का कहना है कि जून के मध्य तक की गई सिर्फ एक गहरी जुताई किसानों को कई फायदे दे सकती है। इससे मिट्टी मजबूत होती है, कीटों का प्रकोप कम होता है और धान समेत दूसरी फसलों की पैदावार में भी अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिलती है।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।