वीबी जी-राम-जी के लिए 95,692 करोड़ का आवंटन      Publish Date : 03/05/2026

वीबी जी-राम-जी के लिए 95,692 करोड़ का आवंटन

                                                                                                             प्रो0 आर. एस. सेंगर एवं डॉ0 रेशु चौधरी

ग्रामीण व्यवस्था को संबल देने के उददेश्य से सरकार ने मनरेगा के बदले विकसित भारत. जी-राम-जी योजना की शुरूआत की है। आम बजट में पहली बार इस पर केंद्र सरकार ने अपने हिस्से के रूप में 95,692.31 करोड़ रुपये के धन का आवंटन भी किया है। राज्यों के हिस्से को जोड़ने पर यह राशि एक लाख 51 हजार करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच जाएगी। इससे गांवों में रोजगार के मौके बढ़ेंगे। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। साथ ही सरकार ने मनरेगा के लिए 30,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया है।

ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि ग्रामीण विकास विभाग का कुल बजट लगभग 21 प्रतिशत बढ़ गया है और इसमें वीबी जी-राम-जी योजना के लिए आवंटन भी शामिल है। विकसित भारत-रोजगार आजीविका मिशन-ग्रामीण (वीबी जी-राम-जी) में एक वर्ष में 125 दिन के काम का प्रविधान किया गया है। यह योजना दो दशक पुरानी संप्रग काल की ग्रामीण रोजगार योजना मनरेगा की जगह लेगी।

                                       

ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि जब तक वीबी जी-राम-जी लागू नहीं हो जाती और लंबित काम पूरे नहीं हो जाते तब तक मनरेगा योजना जारी रहेगी। 2025-26 के संशोधित अनुमान के अनुसार, मनरेगा कार्यक्रम पर कुल खर्च 88,000 करोड़ रुपये था, जबकि शुरू में 86,000 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई थी।

चौहान ने यह भी कहा कि 16वें वित्त आयोग की सिफारिश के आधार पर पंचायतों को 55,990 करोड़ रुपये और मिलेंगे जो कुल मिलाकर विकसित व आत्मनिर्भर गांवों के निर्माण में मदद करेंगे। उन्होंने कहा, आज का बजट ऐतिहासिक और अभूतपूर्व है। यह विकसित भारत बनाने का बजट है। यह 2047 तक आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की नींव रखेगा। इसमें सुधारों पर जोर दिया गया है। बजट दस्तावेजों के अनुसार, भूमि संसाधन विभाग के लिए 2026-27 का आवंटन 2,654.33 करोड़, रुपये है। 2025-26 में इस विभाग के लिए 2,651 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे, जबकि संशोधित अनुमान के अनुसार खर्च का आंकड़ा 1,757.4 करोड़ रुपये था।

सुधरेंगी गांवों की सड़कें

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लिए 2026-27 का आवंटन 19,000 करोड़ रुपये है, जो 2025-26 के समान है। पिछले वित्तीय वर्ष में खर्च 11,000 करोड़ रुपये था। दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के लिए 2026-27 का आवंटन 19,200 करोड़ रुपये है, जबकि पिछले वर्ष यह 19,005 करोड़ रुपये था और संशोधित अनुमान के अनुसार खर्च 16,000 करोड़ रुपये था। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के लिए इस वर्ष 54,916.70 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। पिछले बजट में यह, रकम 54,832.00 रुपये थी, और संशोधित अनुमान के मुताबिक खर्च 32,500.01 करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया गया था। संशोधित अनुमान सरकार के खर्च का अपडेटेड अनुमान होता है, जो वास्तविक रुझान पर आधारित होता है।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।