
किसानों के लिए लाभदायक सरकारी योजनाएं Publish Date : 09/04/2026
किसानों के लिए लाभदायक सरकारी योजनाएं
प्रोफेसर आर. एस. सेंगर
खेती की समस्याओं का हल सरकारी योजनाओं में छिपा है, लेकिन इन योजनाओं का लाभ तभी मिलेगा, जब किसान इन्हें जानें और समझेंगे। लागत कम होगी, पैदावार बढ़ेगी और आय के नए रास्ते भी खुलेंगे। यह सब संभव है, बस एक कदम आगे बढ़ाने की जरूरत है। खेती को लाभदायक बनाने और किसानों की खेती की आय को बढ़ाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार कई योजनाएं चला रही है। ये योजनाएं किसानों को आर्थिक मदद, रियायती ऋण, सिंचाई सुविधाएं, बीमा और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराती हैं। इनकी मदद से किसान खेती को अधिक लाभदायक बना सकते हैं और अपनी आय में बढ़ोतरी कर सकते हैं।
किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी)

केसीसी योजना के तहत 7% की दर पर बैंकों के जरिये कृषि ऋण ले सकते हैं। समय पर ऋण भुगतान करने पर ब्याज में 3% छूट मिलती है। फसल ऋण सीमा 3 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख और मत्स्य पालन तथा संबद्ध गतिविधियों के लिए ऋण सीमा 2 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख कर दी गई है। 1 जनवरी, 2025 से संपार्श्विक मुक्त ऋण सीमा 1.6 लाख से बढ़कर 2 लाख रुपये प्रति लाभार्थी कर दी गई है।
पीएम-किसान - किसान सम्मान निधि

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना के तहत पात्र किसानों को सालाना ₹6000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यह राशि ₹2000 की तीन किस्तों में किसानों के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है, जिससे उन्हें खेती और घरेलू जरूरतों में आर्थिक मदद मिलती है।
पीएम-कुसुम योजना
पीएम कुसुम योजना के तहत सोलर पंप लगाने और मौजूदा ग्रिड-कनेक्टेड कृषि पंपों के सौर ऊर्जा से जोड़ने पर सरकार 50% तक सब्सिडी देती है। किसान बंजर जमीन पर 2 मेगावाट तक ग्रिड-कनेक्टेड सोलर प्लांट लगाकर निर्धारित दर पर स्थानीय डिस्कॉम को बिजली बेच भी सकते हैं।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना
पीएम कृषि सिंचाई योजना के तहत किसानों को ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली लगाने के लिए सरकार आर्थिक सहायता देती है। इस योजना में छोटे किसानों को लगभग 55% और अन्य किसानों को 45þ तक सब्सिडी मिलती है, जिससे कम पानी में बेहतर सिंचाई संभव होती है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
फसल बीमा योजना फसलों की बुआई से कटाई तक सूखा, अतिवृष्टि, कीट व रोग और स्थानीय आपदाओं से किसानों की फसल के नुकसान की आर्थिक भरपाई में सहायक है। खरीफ एवं रबी फसलों पर क्रमशः 2% व 1.5% और बागवानी तथा व्यावसायिक फसलों पर 5þ प्रीमियम देना होता है। भूमि धारक किसान, बंटाईदार या पट्टे पर खेती करने वाले किसान सभी फसल बीमा योजना का लाभ ले सकते हैं।
कृषि अवसंरचना कोष (एआईएफ)
कृषि अवसंरचना कोष (एआईएफ) योजना के तहत किसानों और कृषि उद्यमियों को कोल्ड स्टोरेज, वेयर हाउस और अन्य कृषि ढांचा विकसित करने के लिए ₹2 करोड़ तक ऋण दिया जाता है। इस योजना में 3þ तक ब्याज सब्सिडी और क्रेडिट गारंटी सहायता भी प्रदान की जाती है।
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत राज्यों को सिंचाई, भंडारण, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग जैसी कृषि परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है। किसान या एफपीओ राज्य कृषि विभाग या अधिकृत पोर्टल के माध्यम से प्रस्ताव भेजकर इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
