
अब मिनटों में स्वीकृत होगा कृषि संबंधी लोन Publish Date : 08/04/2026
अब मिनटों में स्वीकृत होगा कृषि संबंधी लोन
प्रोफेसर आर. एस. सेंगर
सरकार ने फार्मर आइडी को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) से जोड़कर कृषि लोन की प्रक्रिया को तेज और आसान बना दिया है। अब किसानों को लंबी कागजी कार्रवाई या बैंक के बार-बार चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। डिजिटल डाटा के आधार पर कुछ ही मिनटों में लोन स्वीकृत किया जा सकेगा। इससे किंसानों को समय पर सस्ता कर्ज मिलेगा और खेती से जुड़ी जरूरतें आसानी से पूरी हो सकेंगी। खेती में निवेश बढ़ेगा और उत्पादन में सुधार होगा। साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती भी मिलेगी।

यह पहल केंद्र सरकार के डिजिटल कृषि मिशन के तहत शुरू की गई है, जो एग्रीस्टैक योजना का हिस्सा है। इस योजना का उद्देश्य है कि किसानों को एक ही प्लेटफार्म पर सभी सेवाएं मिल सके। फार्मर आइडी आधार और जमीन के रिकार्ड से जुड़ी एक यूनिक डिजिटल आइडी होती है। इसमें किसानों से जुड़ी लगभग हर जरूरी जानकारी पहले से ही दर्ज रहती है। जैसे जमीन का रिकार्ड, बुवाई की जाने वाली फसलों का ब्योरा, बैंक खाता और पहचान से जुड़ी जानकारी आदि।
सरकार का लक्ष्य है कि हर पात्र किसान को इससे जोड़ा जाए। अभी तक करीबन करोड़ किसानों की आइडी बन चुकी है। बाकी किसानों को भी तेजी से जोड़ा जा रहा है। बैंक इसी डिजिटल प्रोफाइल के आधार पर अब तुरंत फैसला ले सकेंगे। इससे लोन मंजूरी में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा। पहले जहां कई दिन या हफ्ते लग जाते थे, अब वही काम मिनटों में हो सकेगा। इससे पारदर्शिता भी बढ़ेगी और गलतियों की गुंजाइश कम होगी।
केसीसी लोन चुकाने की अवधि को बढ़ाकर छह साल किया गया
सरकार की इस नई पहल से अन्य योजनाओं का लाभ भी आसानी से मिलेगा। जैसे पीएम-किसान योजना की किस्त, फसल बीमा और एमएसपी पर खरीद। सभी भुगतान सीधे किसान के खाते में पहुंचेंगे। ई-केवाईसी और जमीन सत्यापन जैसी समस्याएं भी जल्द सुलझेंगी। सरकार ने केसीसी लोन चुकाने की अवधि को भी बढ़ाकर छह साल कर दिया है। इससे किसानों पर तुरंत कर्ज चुकाने का दबाव कम होगा। वे अपनी फसल के अनुसार आराम से भुगतान कर सकेंगे।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
