एआई से बदलेगी कृषि की तस्वीर, महात्मा गांधी ग्राम स्वराज से रोजगार को रफ्तार      Publish Date : 18/02/2026

एआई से बदलेगी कृषि की तस्वीर, महात्मा गांधी ग्राम स्वराज से रोजगार को रफ्तार

                                                                           प्रोफेसर आर. एस. सेंगर एवं इंजीनियर कार्तिकेय

  • 95,692 करोड़ रुपये से ज्यादा है विकसित भारत जी राम जी योजना का बजट

मनरेगा का नाम बदलने को लेकर विपक्ष की आलोचनाओं व आरोपों का जवाब केंद्रीय बजट में महात्मा गांधी ग्राम स्वराज। योजना के माध्यम से दिया गया है। साथ ही किसानों को एआई का तोहफा दिया गया है, जिसके जरिये कृषि में अत्याधुनिक तकनीकों के उपयोग से फसलों के उत्पादन में अपेक्षित बढ़ोतरी होगी। इसके अलावा ग्रामीण स्वरोजगार को बढ़ाने के लिए प्राकृतिक और तकनीकी रूप से विकसित रेशा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए भी राष्ट्रीय फाइबर योजना का एलान किया गया है। कुल मिलाकर सरकार का फोकस ग्रामीण अर्थव्यवस्था को खादी और हैंडलूम का हब बनाने का है।

इसके माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था का स्तर उठाने के लिए कपड़ा उद्योग और हैंडलूम को बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य खादी और कपड़ा क्षेत्र को नई दिशा देना है। योजना में हथकरघा को पुनर्जीवित करने के साथ उसे नई पहचान भी मिलेगी। इसके लिए बुनकरों, कारीगरों और छोटे उत्पादकों को बेहतर सुविधा दी जाएगी। सरकार पारंपरिक हुनरमंदों के लिए बाजार उपलब्ध कराने के साथ ही इनकी परंपरागत डिजाइन परंपरा को भी निखारेगी। सरकार का दावा है कि इससे प्रामीण स्तर पर ही रोजगार बढ़ेगा और आत्मनिर्भरता को बल मिलेगा।

ग्रामीण विकास-कृषि को 4.35 लाख करोड़

ग्रामोग विकास और कृषि विभाग को जोड़कर कुल बजट अब 4 लाख 35 हजार 779 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। इसमें 21 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। यह गांव-किसान के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

रेशम व जूट रेशा उद्योग को बढ़ावा

राष्ट्रीय फाइबर मोजना का लक्ष्य रेशम व जूट और रेशा उद्योग को मदाला देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भविष्य में और मजबूत करना है।

संरक्षित होगी हस्तशिल्प कला

खादी और हैंडलूम के मजबूत होने से भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। गांव में आजीविका के अवसर बढ़ेगे, पुरानी भारतीय हस्तशिल्प के कला कौशल को संरक्षण मिलेगा, और पलायन रुकेगा। इसके अलावा राष्ट्रीय फाइबर योजना के तहत कपड़ा उद्योग के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए एकमुश्त कार्ययोजना पर काम किया जाएगा। इसका मकसद देश में कपड़ा उद्योग को रोजगार की एक बड़ी ताकत के रुप में विकसित करना है।

तकनीक से खेती को विस्तार फसल विविधीकरण से बढ़ेगी आमदनी, मौसम की भी मिलेगी जानकारी

केंद्रीय बजट में भारत विस्तार एआई का एलान किया गया है। भारत ने एअर्थ के सार्थक प्रयोग से जुड़ी अपनी प्रतिबद्धता को दिखाते हुए किसानों को फसल को लेकर समस्त जानकारी उपलब्ध कराने के लिए इस योजना का एलान किया है। वैज्ञानिक इसमें नए शोध और किसानों की, समस्याओं के समाधान के साथ उन्हें फसलों के विकल्प भी मुझाएंगे। इसके माध्यम से किसानों को स्थानीय भाषा में जानकारियां मिलेगी।

  • किसान एआई पैट बॉक्स की मदद से खेती से जुड़ी समस्याओं का समाधान पाएंगे। सार्वजनिक एआई आधारभूत ढांचे पर फोकस है। इसमें मौसम, खेती, कृषि उत्पाद तक की जानकारी मिलेगी।
  • किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी मिलेगी और फसल विविधीकरण से आमदनी बढ़ेगी।
  • फसल पर संपूर्ण जानकारी दी। जाएगी, जिससे वह वातावरण के अनुकूल फसल के लिए प्रेरित हो सकेंगे। किसानों को आईसीए‌आर से समय समय पर सिफारिशें मिलेंगी।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।