
थाली से लेकर किसानों तक पहुंचे स्टार्टअप Publish Date : 29/12/2025
थाली से लेकर किसानों तक पहुंचे स्टार्टअप
प्रोफेसर आर. एस. सेंगर
दुनिया का सबसे बड़ा स्टार्टअप तंत्र भारत में विकसित हो गया है हम विश्व की तीसरी बड़ी स्टार्टअप अर्थव्यवस्था है आज नया दौर है नया भारत है आज भारत दुनिया का स्टार्टअप हब बन चुका है युवा नौकरी मांगने की जगह नियोक्ता बना रहे हैं युवा स्टार्टअप अर्थव्यवस्था को बड़ा ही रहे हैं साथ ही किसानों को अप आधारित जैविक खेती समाधान भी उपलब्ध करा रहे हैं अपनी व्यवस्था स्वाद और गुणवत्ता से जैविक उत्पाद स्टार्टअप की दुनिया में भी रंग जमा रहे हैं देश के कई स्टार्टअप जैविक उत्पादों को बाजार में उतार रहे हैं देश के कई स्टार्टअप जैविक उत्पादों को बाजार में उतर रहे हैं इन स्टार्टअप ने जैविक फसल उत्पादन से रेडी टू एट और रेडी टू कुक श्रेणी के कई अनोखे उत्पाद उतारे हैं इनमें से कई को सरकार की मदद भी मिल रही है ऑनलाइन बिक्री के माध्यम से यह बड़े पैमाने पर लोगों की थाली तक पहुंच रहे हैं
स्टार्टअप सीधे किसानों से जैविक उत्पाद खरीदते हैं इसे तमिलनाडु के विलस ट्री स्टार्टअप ने जैविक उत्पादों से बने दर्जनों दक्षिण भारतीय पकवानों के उत्पाद तैयार किए हैं वहीं हैदराबाद के स्टार्टअप मिलेनोवा ने मोटे अनाजों के जैविक उत्पादों में फल और सब्जियां मिलकर रेडी टू ईट स्नेक्स तैयार किए हैं
दुनिया के कई देशों के उपभोक्ता अब ऑर्गेनिक खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता दे रहे हैं वैश्विक बाजार में भारत के ऑर्गेनिक कृषि उत्पादों की भी मांग बढ़ रही है ऐसे में भारत के कृषि उत्पादों को जैव खाद्य पदार्थों के रूप में लोकप्रिय मनाया जा सकता है इससे भारत बाकी दुनिया के लोगों के लिए महत्वपूर्ण योगदान कर सकता है साथ ही जैविक खेती को बढ़ावा देने से कृषि उपादानों पर कम खर्च हो सकेगा इसका नतीजा है कि इन उत्पादों के निर्यात में बढ़ोतरी हो रही है ऑर्गेनिक कृषि उत्पादों का सर्वाधिक निर्यात अमेरिका और यूरोपीय यूनियन को होता है

वैश्विक बाजारों में जिन उत्पादों की सर्वाधिक मांग रही उनमें अलसी तिल सोयाबीन अरहर चना चावल चाय व औषधि पौधे शामिल है अमेरिका यूरोपीय यूनियन के अलावा कनाडा ताइवान हुआ दक्षिण कोरिया से भी इन उत्पादों की मांग बढ़ रही है इसके अतिरिक्त जर्मनी भी इन उत्पादों का बड़ा जातक है इनमें तिलहन गाना मोटे अनाज कपास दलहन औषधि पौधे चाय फल मसाले मेइंवे सब्जियां और काफी जैसे उत्पाद शामिल है आपदा के अनुसार ऑर्गेनिक कृषि उत्पादों के मामले में मध्य प्रदेश सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है इसके बाद महाराष्ट्र कर्नाटक उत्तर प्रदेश और राजस्थान का नंबर आता है अब काफी किसान जागरूक हो रहे हैं और जैविक खेती करके स्टार्टअप के सहयोग से आर्गेनिक उत्पादों को विश्व बाजार में पहुंचाने का कार्य तेजी से अपना रहे हैं
अधिक आय प्राप्त करने के लिए जैविक उत्पादों को बाजार के साथ जोड़ा जा रहा है जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा जैविक खेती पोर्टल लॉन्च किया गया है जैविक खेती पोर्टल के माध्यम से जैविक किसानों को अपने उत्पाद बेचने की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है इसके अलावा इस पोर्टल के माध्यम से जैविक खेती के लाभ से संबंधित जानकारी प्राप्त हो सकेगी ऐसा प्रयास सरकार द्वारा किया जा रहा है साथ ही जैविक उपज को पूरी दुनिया के उपभोक्ताओं तक पहुंचने में ई-कॉमर्स अहम साबित हो रहा है ग्राहकों को जैविक खेती वाले किसानों से जोड़ने में यह मजबूत साधन बन गया है जैविक उत्पादों की घरेलू ही नहीं वैश्विक मांग से इसकी खेती करने वाले किसानों के दिन काफी अच्छे हो रहे हैं जैविक कृषि स्टार्टअप के लिए ग्रामीण युवाओं को प्रोत्साहित करने डिजिटल तकनीक से खेती को बढ़ावा और कृषि क्षेत्र में भंडारण क्षमता में बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है पीएम प्रमाण योजना की शुरुआत भी की गई है जिसमें वैकल्पिक उर्वरकों को बढ़ावा देने के लिए राज्यों को प्रोत्साहित किया जा रहा है

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
