पौधों में पोटेशियम की कमी और अधिकता के सामान्य लक्षण      Publish Date : 12/11/2025

    पौधों में पोटेशियम की कमी और अधिकता के सामान्य लक्षण

                                                                                                                                                              प्रोफेसर आर. एस. सेंगर एवं गरिमा शर्मा

पौधों में पोटेशियम की कमी और अधिकता के क्या लक्षण दिखाई देते हैं? किसान भाईयों, फसलीय पौधे को वृद्वि करने के लिए विभिन्न प्रकार के पोषक तत्वों की आवश्यकता होती हैं, जिन्हें पौधे जमीन से अवशोषित करते हैं। अतः पौधों को वृद्वि करने के लिए इनत माम पोषक तत्वों का उचित मात्रा में उपलब्ध होना भी अति आवश्यक है, क्योंकि पोषक तत्वों की पूर्ती में होने वाला कोई भी असंतुलन फसल के अंतिम उत्पाद को कुप्रभावित कर सकता है।

इसलिए, बढ़ते पौधे की पूरी तरह से जांच करना किसी एक विशेष पोषक तत्व तनाव की पहचान करने में सहायता कर सकती है। यदि किसी पौधे में किसी विशेष पोषक तत्व की कमी है तो निरीक्षण के दौरान पौधों में कुछ विशिष्ट लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ पोषक तत्वों की कमी के लक्षण जल्द ही नहीं प्रकट होते हैं। इसके कारण पौधों के नियमित विकास की प्रक्रिया बाधित होती है, जिससे कुछ मध्यवर्ती कार्बनिक अणुओं की अधिकता और दूसरों में कमी हो जाती है। इसके परिणामस्वरूप असामान्यताएं होती हैं जिन्हें बाद में लक्षणों के रूप में पहचाना जा सकता है।

पौधों में पोटेशियम की कमी और अधिकता के लक्षण

                                                            

पौधों में पोटेशियम की कमी के लक्षणः पौधों में पोटेशियम की कमी से पुरानी पत्तियों के किनारे जले हुए से दिखाई देने लगते हैं जिसे झुलसा लक्षण भी कहते हैं। इसके अलावा पौधे रोग और कीट संक्रमण के प्रति भी अधिक संवेदनशील हो जाते हैं जिससे पौधे की बढ़त रूक जाती हैं। इसके अलावा पोटेशियम की कमी से फल और बीज का उत्पादन बिगड़ा हुआ और खराब गुणवत्ता वाला हो जाता हैं।

पौधों में पोटेशियम की अधिकता के लक्षणः पौधों में पोटेशियम की अधिकता से होने वाले असंतुलन के कारण पौधे विशिष्ट मैग्निशियम (Mg) और संभवतः कैल्शियम (Ca) की कमी के लक्षण प्रदर्शित करते हैं।

                                                                  

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।