Difference in between product of BAYER Antracol, BASF Polyram and M–45      Publish Date : 26/10/2025

Difference in between product of BAYER Antracol, BASF Polyram and M–45

                                                                                                                                                               प्रोफेसर आर. एस. सेंगर एवं डॉ0 शालिनी गुप्ता

तीनों उत्पादों के अंदर क्या अंतर है? कौन सा उत्पाद अच्छा है?

1. M-45 (मैनकोज़ेब)

रासायनिक संरचना: यह मैंगनीज (Manganese) और ज़िंक (Zinc) से मिलकर बना होता है। यह दो अलग-अलग डाईथियोकार्बामेट्स - मैनेब (Maneb) और ज़िनेब (Zineb) का मिश्रण है।

कार्य करने का तरीका: यह एक सुरक्षात्मक (Protective) और संपर्क (Contact) फफूंदनाशक है। यह पत्तियों की सतह पर एक सुरक्षात्मक परत बनाता है और फफूंद के बीजाणुओं को अंकुरित होने से रोकता है। यह फफूंद की कोशिकाओं के कई हिस्सों पर एक साथ हमला करता है, जिसे मल्टी-साइट एक्शन कहते हैं, जिससे फफूंद में प्रतिरोध विकसित नहीं हो पाता।

पोषण: यह फसल को लगभग 20% मैंगनीज और लगभग 2.5% ज़िंक प्रदान करता है। मैंगनीज पौधों को हरा-भरा रखने में मदद करता है।

मुख्य रोग नियंत्रण: यह एक व्यापक स्पेक्ट्रम (Broad-spectrum) फफूंदनाशक है। यह कई तरह के रोगों को नियंत्रित करता है, जैसे:

  • आलू और टमाटर: अर्ली और लेट ब्लाइट (झुलसा रोग)।
  • गेहूं: रस्ट (गेरुई)।
  • मूंगफली: टिक्का रोग (पत्ती धब्बा रोग)।
  • फल: सेब में स्कैब और अंगूर में डाउनी मिल्ड्यू।

2. प्रोपीनेब

रासायनिक संरचना: यह एक पॉलीमर है जिसमें सिर्फ ज़िंक (Zinc) होता है। इसमें मैंगनीज बिल्कुल नहीं होता है।

कार्य करने का तरीका: यह भी सुरक्षात्मक (Protective) और संपर्क (Contact) फफूंदनाशक है। यह पत्तियों पर एक सुरक्षात्मक परत बनाता है और मल्टी-साइट एक्शन के जरिए फफूंद को नियंत्रित करता है, जिससे प्रतिरोध विकसित होने की संभावना बहुत कम होती है।

पोषण: इसमें लगभग 14.8% से 16.7% तक ज़िंक होता है, जो कि M-45 की तुलना में बहुत ज़्यादा है। यह ज़िंक की कमी वाले पौधों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है, जिससे फसल की गुणवत्ता और उपज में सुधार होता है।

मुख्य रोग नियंत्रण: यह भी एक व्यापक स्पेक्ट्रम फफूंदनाशक है। यह विशेष रूप से डाउनी मिल्ड्यू जैसे रोगों के लिए बहुत प्रभावी माना जाता है। इसके अलावा, यह आलू और टमाटर के झुलसा रोग और मिर्च के डाईबैक रोग पर भी असरदार है।

3. मेटिरम

                                                                  

 रासायनिक संरचना: यह एक पॉलीमेरिक संरचना है जिसमें ज़िंक (Zinc) होता है। यह ज़िंक-अमोनिया-एथिलीन-बिस-डाईथियोकार्बामेट्स का मिश्रण है।

कार्य करने का तरीका: यह भी सुरक्षात्मक (Protective) और संपर्क (Contact) फफूंदनाशक है। यह मल्टी-साइट एक्शन के माध्यम से काम करता है, जो इसे प्रतिरोध प्रबंधन के लिए एक अच्छा विकल्प बनाता है।

पोषण: इसमें भी लगभग 14% ज़िंक होता है, जो पौधों को पोषण प्रदान करता है।

मुख्य रोग नियंत्रण: यह भी एक व्यापक स्पेक्ट्रम फफूंदनाशक है। यह आलू में झुलसा रोग, टमाटर में अल्टरनेरिया ब्लाइट और मूंगफली में टिक्का रोग को नियंत्रित करने के लिए जाना जाता है।

अतिरिक्त लाभ: यह अक्सर दानेदार (WG) रूप में आता है, जो पानी में आसानी से घुल जाता है और छिड़काव के बाद पत्तियों पर दाग नहीं छोड़ता।

मुख्य अंतर:

M-45: यह मैंगनीज और ज़िंक दोनों देता है, और यह सबसे आम और भरोसेमंद उत्पादों में से एक है।

प्रोपीनेब और मेटिरम: इन दोनों में ज़िंक की मात्रा बहुत ज़्यादा होती है और ये मैंगनीज से मुक्त होते हैं, जिससे ये ज़िंक की कमी वाली फसलों के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।