मई में बोई गई यह सब्जियाँ देंगी बेहतर मुनाफा      Publish Date : 04/05/2026

  मई में बोई गई यह सब्जियाँ देंगी बेहतर मुनाफा

                                                                                                        प्रोफेसर आर. एस. सेंगर एवं गरिमा शर्मा

प्रदेश में मई का महीना सब्जी की खेती करने वाले किसानों के लिए एक सुनहरा मौका बनकर आया है। इस समय बोई गई फसलें 45 से 60 दिनों में तैयार होकर मानसून के दौरान बाजार में ऊंचे दामों पर बिकती हैं। ऐसे में भिंडी, करेला, लौकी और अन्य सब्जी फसलों से किसानों को बेहतर मुनाफा मिल सकता है, बशर्ते कि इसके लिए सही समय और तकनीक अपनाकर सब्जियों की खेती जाए।

प्रदेश में मई का महीना इस बार किसानों के लिए सिर्फ गर्मी का नहीं, बल्कि कमाई का बड़ा मौका बनकर सामने आया है। विशेषज्ञों और अनुभवी किसानों का मानना है कि इस समय की गई सब्जी खेती न केवल कम अवधि में तैयार होती है, बल्कि शुरुआती मानसून में बाजार में ऊंचे दामों पर भी बिकती है। यही वजह है कि मई को सब्जी उत्पादन के लिहाज से ‘गोल्डन पीरियड’माना जा रहा है। इस दौरान बोई गई फसलें बारिश से पहले तैयार होकर बाजार में पहुंच जाती हैं, जब सप्लाई कम और इनकी मांग बहुत अधिक होती है। एक एक्सपर्ट किसान श्री रविन्द्र कुमार ने बताया कि भिंडी, करेला, लौकी, तोरई, मिर्च और बैगन की फसल काफी लाभ प्रदान करने वाली सब्जियाँ हैं। सब्जी की खेती के लिए सबसे खास ट्रिक और टिप्सर है कि खेत में जल निकासी की व्यलवस्था को जरूर बनाकर रखें।

सब्जी की खेती से जुड़े जानकार बताते हैं कि मई के पहले और दूसरे सप्ताह में बुवाई करने से किसानों को सबसे अधिक लाभ प्राप्त होता है। इस समय बोई गई फसलें 45 से 60 दिनों में तैयार हो जाती हैं, जिससे जुलाई और अगस्त में जब बाजार में सब्जियों की कमी होती है, तब इनके काफी बेहतर रेट मिलते हैं। कई मंडियों में इस दौरान भिंडी, करेला और लौकी जैसी सब्जियां 40 से 60 रुपये प्रति किलो तक भी बिकती हैं, जिससे किसानों की आय में बढ़ोत्तरी होती है।

कौन-कौन सी सब्जी की फसलें हैं सबसे अधिक लाभकारी

                                       

किसान रविन्द्र कुमार के अनुसार मई में भिंडी, करेला, लौकी, तोरई, मिर्च और बैंगन की खेती करना सबसे अधिक लाभकारी रहता है। इन सब्जी फसलों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि ये तेजी से बढ़ती हैं और लगातार उत्पादन देती रहती हैं। सही समय पर बुवाई करने से किसानों को इनसे लगातार आय मिलती रहती है।

भिंडी की खेती से लगातार कमाई का अवसर

                                      

इस समय भिंडी की खेती सबसे ज्यादा फायदेमंद मानी जाती है। उन्नत किस्म की भिंडी 45 से 50 दिनों में उत्पादन देना शुरू कर देती है आर एक बार उत्पादन शुरू होने के बाद यह लगभग चार महीने तक फल देती रहती है। एक एकड़ खेत में 5 से 6 किलो बीज की आवश्यकता होती है। वैसे भी बाजार में भिंड़ी की डिमांड हमेशा बनी रहती है।

करेला और बेल वाली फसलों से लाभ

करेला की फसल गर्मियों में अच्छी पैदावार देती है। मई में बोया गया करेला 55 से 60 दिनों में तैयार हो जाता है। वहीं लौकी और तोरई जैसी बेल वाली सब्जियां बारिश के मौसम में बेहतर उत्पादन देती हैं। इस खेती में विशेषज्ञ मचान विधि को अपनाने की सलाह देते हैं, जिससे फसल सुरक्षित रहती है और उत्पादन बढ़ता है और किसान की आय भी बढ़ती है।

मिर्च और बैंगन की पैदावार रणनीति

                                            

हरी मिर्च और बैंगन की नर्सरी भी मई के महीने में ही तैयार की जाती है और जून महीने के अंत तक इनकी रोपाई मुख्य खेत में कर दी जाती है। रोपाई करने के बाद जुलाई के महीने से यह उत्पादन देना शुरू कर देती है। यह तरीका किसानों को लगातार आय प्रदान करने में भी मदद करता है।

सब्जी की खेती में सफलता के कुछ जरूरी टिप्स

सब्जी की खेती के विषय में विशेषज्ञों का कहना है कि खेत में जल निकासी की उत्तम व्यवस्था करना बेहद जरूरी होता है, क्योंकि बारिश के मौसम के दौरान पानी जमा होने से फसल खराब हो सकती है। जल भराव की समस्या से बचने के लिए ऊंची क्यारियां बनाना अच्छा रहता है। साथ ही उन्नत और रोग प्रतिरोधी बीजों का चयन करना चाहिए। खेत तैयार करते समय अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद प्रयोग करना भी बहुत आवश्यक है, इससे मिट्टी की उर्वर क्षमता बढ़ जाती है, फसल उत्तम होती है और उत्पादन भी बेहतर प्राप्त होता है। अतः किसान भाईयों से अपील है कि वह 15 से 20 मई तक बुवाई पूरी कर लें तो उन्हें इसका अधिक लाभ मिल सकता है।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।