अपनी शक्ति पर विश्वास      Publish Date : 29/10/2026

             अपनी शक्ति पर विश्वास

                                                                                                              प्रो0 आर. एस. सेंगर

साधन मनुष्य के जीवन में अभिन्न हिस्सा बन गया है चाहे वह यातायात हो अथवा संचार के लिए । ऐसी परिस्थिति में प्रत्येक शक्तिशाली देश अपने साधनों को विश्वभर में बेंच कर न केवल धन कमाना चाहते हैं बल्कि अप्रत्यक्ष रूप से उस देश के लोगों पर अपना शासन स्थापित करना चाहते हैं। जो कार या स्मार्टफोन मनुष्य को बहुत पसंद आते हैं वह उसको बनाने वाले का गुणगान निरंतर करता रहता है और इससे उस निर्माता से मनुष्य का एक घनिष्ठ संबंध बन जाता है। इस संबंध का प्रयोग केवल निर्माता और उपभोक्ता तक सीमित नहीं रहता बल्कि उन दोनों देशों पर भी इसका असर पड़ता है।

उत्पादक देश उपभोक्ता देश पर अपना अप्रत्यक्ष नियंत्रण स्थापित कर लेता है। स्मार्टफोन का विश्व में उपभोक्ता बाजार की दृष्टि से भारत सबसे बड़ा देश बना और उत्पादक की दृष्टि से सबसे पिछड़े देशों में बना रहा क्योंकि भारत के नीति नियंताओं का ध्यान ही दशकों तक इस तरफ नहीं था, लेकिन अब परिस्थितियां बदल रही हैं, एक तरफ जहां विदेशी तकनीकी और कंपनियों के लिए भारत में निर्माण करना सुगम हुआ वहीं भारतीय प्रतिभाएं और उद्योग पूर्ण स्वदेशी स्मार्टफोन बनाने की दिशा में तेज गति से बढ़ रहे हैं।

संभावना जताई जा रही है कि अगले दो वर्षों के भारत अपने दम पर पूर्ण स्वदेशी स्मार्टफोन पूरे विश्व को उपलब्ध करवा सकता है। अपनी शक्ति पर विश्वास करते हुए अपना समाज एप्पल और सैमसंग के चंगुल ने निकलने की तड़पन अपने मन में पालते हुए अपने स्वदेशी उत्पादकों के प्रति प्रेम और विश्वास पैदा कर हम स्वतंत्रता का एक और सोपान लिख सकेंगें।

लेखकः प्रोफेसर आर. एस. सेंगर, अधिष्ठाता जैव प्रौद्योगिकी महाविद्यालय एवं निदेशक ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेरठ।