
देश द्रोहियों की पहचान Publish Date : 04/09/2026
देश द्रोहियों की पहचान
प्रो0 आर. एस. सेंगर
देश द्रोही शक्तियां घात लगाये बैठी हैं, कभी समाज को भ्रमित करके तो कभी समाज में अशांति और अराजकता का वातावरण निर्माण कर अपने राष्ट्र की प्रगति के मार्ग को अवरुद्ध करने के प्रयास उनके द्वारा हो रहे हैं। विश्व के अनेक देश प्रत्यक्ष युद्ध में है जिसका असर अप्रत्यक्ष रूप से भारत जैसे देशों पर भी पड़ना स्वाभाविक है। सीमाओं की सुरक्षा और वैश्विक व्यापार में संतुलन एक बहुत बड़ी चुनौती है लेकिन अपना देश अपने कुशल नेतृत्व और भारत केंद्रित नीतियों के कारण इस झंझावात में भी न्यूनतम हानि के साथ आगे बढ़ रहा है।
भारत की यह स्थिति विश्व के उन देशों को कदापि अच्छी नहीं लग रही है अतः उन्होंने अपने मोहरों को हर मोर्चे पर सक्रिय कर दिया है। राजनीति के मोहरे देश में अविश्वास पैदा कर रहे हैं तो आंदोलनजीवी धरने प्रदर्शन कर रहे हैं। जब देश संकट में हो तब अपने देश अपने नेतृत्व के डट कर खड़ा होना देशभक्ति के लक्षण हैं जो इन लोगों में दूर दूर तक दिखाई नहीं देते हैं। दिल्ली में जो धरना प्रदर्शन हो रहा है उसे जनता का समर्थन तो प्राप्त नहीं हुआ लेकिन स्वार्थी और देश के साथ गद्दारी करने वाले नेताओं का समर्थन अवश्य प्राप्त हो रहा है।
किस मंच से असफल परीक्षा के लिए मंत्रियों के इस्तीफे मांगे जा रहे हैं उसी मैच से जम्मू कश्मीर में धारा 370 को पुनः मांग भी की जा रही है। परीक्षा में धांधली ठीक नहीं है यह व्यवस्था की असफलता है इसे ठीक किया जाना चाहिए और इस दिशा में काफी कुछ हो भी रहा होगा लेकिन जम्मू कश्मीर में फिर से अलगाववाद को जन्म देने का वातावरण क्या ठीक है? आने वाले दिनों में इस प्रकार की और भी घटनाएं देश में देखने को मिलेंगी अतः हम समाज को देशद्रोहियों के प्रति सचेत रखें यह अत्यंत आवश्यक है।
लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
