
हिंसक होता वामपंथ Publish Date : 26/08/2026
हिंसक होता वामपंथ
प्रो0 आर. एस. सेंगर
सभी की सुरक्षा और सभी के अधिकार का नारा लगाने वाले वामपंथ के लोग सदैव हिंसा करके अपने विरोधियों को डराने का प्रयास करते रहते हैं। ऐसे में स्थान चाहे जो कोई भी हो और समय कोई भी हो इनके पास अपने विचार की प्रस्तुत करने और अपने तर्क रखने का दूसरा कोई रास्ता नहीं होता है।
हाल ही के दिनों में आंध्र प्रदेश में संघ की शाखा पर वामपंथी गुंडों ने हमला कर दिया तो दूसरी तरफ दिल्ली की JNU में अपनी पढ़ाई में लगे एक विद्यार्थी की इसी प्रकार के गुंडों ने पिटाई की क्योंकि वह संघ प्रेरित विद्यार्थी समूह ABVP से संबंधित था। लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है और रखना भी चाहिए लेकिन मेरी बात नहीं मानते इसलिए हम तुम्हे रहने नहीं देंगे, यह एक ऐसी जीवन दृष्टि है जो संपूर्ण मानव जाति के लिए ही खतरा है।
आज जब भारत में कभी इस विचार को स्वीकार करने वाले और मानने वालों ने भी इसकी कमियों के चलते नकारना शुरू कर दिया। तब विश्वविद्यालयों में इनके नेता विद्यार्थियों को हिंसा के लिए उकसाते हैं। श्रछन् में एक कम्युनिस्ट प्रोफेसर एक दिन पहले ही एक कार्यक्रम करवाता है और दूसरे दिन इस प्रकार की घटना हो जाती है, यह एक संयोग मात्र नहीं हो सकता है।
युवाओं के मस्तिष्क को दूषित कर उन्हें ही अपने राष्ट्र, संस्कृति और मानवता के विरुद्ध खड़ा करने वाले इन लोगों की पहचान और इनका तिरस्कार उतना ही आवश्यक है, जिससे कि यह लोग अपने दूषित विचारों का अधिक प्रचार न कर सकें।
लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
