
अराजकता का माहौल बनती राजनैतिक पार्टियां Publish Date : 25/08/2026
अराजकता का माहौल बनती राजनैतिक पार्टियां
प्रोफेसर आर. एस. सेंगर
देश में राजनैतिक दलों के स्वार्थ इतने गहरे हैं कि उसकी पूर्ति के लिए उन्हें देश को किसी भी संकट में भेजने से कोई परहेज नहीं है। पिछले 20 वर्षों में परीक्षा की धोखाधड़ी के 200 से अधिक मामले हुए हैं, अर्थात यह कोई पहला मामला नहीं है। लेकिन कोई बुराई वर्षों से चल रही हो तो क्या उसे ऐसे ही छोड़ देना उचित होगा? बिल्कुल नहीं, इस पर ऐसी व्यवस्था बननी चाहिए जिससे आगे यह न हो सके। दुर्भाग्य से कोई इसका समाधान नहीं बता रहा है या कोई सुझाव नहीं दे रहा है बल्कि अपनी राजनीति के लाभ के लिए दिल्ली में अलग अलग स्थानों पर धरने कर रहे हैं। जिस प्रकार से यह सब हो रहा है उसे देख कर तो यह स्पष्ट है कि इनकी बेचैनी का कारण कुछ और है। भारत में अशांति से लेकर आतंकवाद और धर्मांतरण फैलाने तक के सभी कार्यों के लिए विदेशी धन का प्रचुरता से उपयोग होता रहा है।
आज हमारी युवा शक्ति पर नशीले पदार्थों के माध्यम से बहुत बड़ा प्रहार किया जा रहा है जिससे पूरा समाज वाकिफ है लेकिन यह लोग कभी उसकी बात नहीं करेंगे क्योंकि इसमें इनकी संलिप्तता है। इनकी आड़ में कन्वर्ज़न, वोकिज्म और अन्य कम्युनिस्ट ताकते अपने लिए अवसर खोज रही हैं तो स्वार्थी राजनेता अपने लिए सत्ता के अवसर, ध्यान देने योग्य बात यह है कि आज का समाज इन सभी को लगातार नकारता जा रहा है। सही संवाद और सही व्यवहार ही अपने समाज को संकट के समय भी शक्ति प्रदान करता है।
लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
