विकसित गाँव बनाने हैं तो गांव की सड़कों को भी अतिक्रमण मुक्त करना होगा      Publish Date : 19/08/2026

विकसित गाँव बनाने हैं तो गांव की सड़कों को भी अतिक्रमण मुक्त करना होगा

                                                                                                            प्रोफेसर आर. एस. सेंगर

शहरी क्षेत्रों की तरह गाँव में भी अतिक्रमण अब गंभीर समस्या बनता जा रहा है। कई गांवों में लोगों ने अपने घरों के रैंप, छज्जे और अन्य निर्माण सड़क की सीमा तक बढ़ा रखे हैं। कहीं कहीं यह निर्माण दो, 3 फिट या इससे अधिक सड़क पर निकाल दिए गए हैं। इससे जिन रास्तों से कभी ट्रैक्टर ट्रॉली और बड़े वाहन आसानी से गुजरते थे, वहां अब छोटी कार निकालना भी मुश्किल हो गया है। निर्माण सामग्री पहुंचाने या शादी विवाह जैसे आयोजनों के दौरान छोटे वाहन भी घरों तक नहीं पहुंच पाते हैं। इससे ग्रामीणों को असुविधा के साथ छोटे छोटे विवादों का भी सामना करना पड़ रहा है।

ऐसे में प्रशासन को चाहिए कि शहरों और कस्बों की तर्ज पर गाँव में भी अभियान चलाकर सड़कों की सीमा से किए गए अतिक्रमण को चिह्नित कराया जाए। लोगों को उचित समय देकर स्वयं अतिक्रमण हटाने का अवसर दिया जाए और इसके बाद भी अतिक्रमण रहने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। गाँव की सड़कें अतिक्रमण मुक्त होने से आवागमन सुगम होगा। आपातकालीन सेवाओं को आसानी से रास्ता मिलेगा और ग्रामीणों को अनावश्यक विवादों से भी राहत मिल सकेगी। इसलिए सरकार को इस ओर भी ध्यान देना होगा और गाँव में सड़कों को भी अतिक्रमण से मुक्त कराना होगा।

यह हमारे गाँवों के लिए खुशहाली और उन्नति के मार्ग प्रशस्त करेगा, क्योंकि जब गाँवों आवागन सुलभ और सुविधाजनक होगा तो वहां से कृषि उत्पादों का परिवहन भी होगा और हमारे किसान अधिक लाभ प्राप्त कर सकेंगे और समृद्वि की ओर कदम बढ़ा सकेंगे। 

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।