
आपका बच्चा शरारती है अथवा जीनियस Publish Date : 05/08/2026
आपका बच्चा शरारती है अथवा जीनियस
प्रो0 आर. एस. सेंगर एवं अन्य
‘बच्चे गीली मिट्टी की तरह होते हैं। ऐसे में यदि आप उनकी शरारतों को समझ कर उन्हें एक सही दिशा प्रदान करते हैं तो बच्चे का व्यक्तित्व एवं भविष्य सुंदर बन सकता है।’
माता और पिता के लिए अपने बच्चे की शरातों को सम्भालना अक्सर चुनौतिपूर्ण होता है। बच्चे कभी घर के समान को बिखेरते हैं, खिलौनों को तोड़ते हैं तो कभी बहुत से सवाल पूछकर परेशान करते हैं। लेकिन प्रत्येक शरारती बच्चा नटखट नहीं होता, कई बार इसके पीछे उसकी कोई जिज्ञासा अथवा रचनात्मक सोच भी छिपी हुई होती है। इसके सम्बन्ध में मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि जीनियस और शरारती बच्चों के एक बहुत ही महीन रेखा होती है, जिसको आपको समझना होता है।
खिलौने तोड़ना या जोड़ना
यदि आपका बच्चा अपने नए खिलौने को कुछ घंटों के अन्दर ही खोल या तोड़ देता है तो बच्चे के ऊपर क्रोधित होने से पहले उसकी नीयत को समझने का प्रयास करें। एक सामान्य शरारती बच्चा अपने खिलौने को गुस्से या लापरवाही में फेंककर तोड़ता है, तो वहीं एक जीनियस बच्चा यह देखने के लिए खोलता अथवा तोड़ता है कि उसके अन्दर क्या है और वह कैसे चलता है। यह घटना बच्चे की इंजीनयरिंग और प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल का शुरूआती संकेत भी हो सकता है, जिसको आपको पहचानना है।
रिएक्शन टेस्ट
यदि आपका बच्चा गलती करने के बाद बहाने बनाता है तो यह उसका डर होता है, लेकिन यदि वह अपनी गलती को सुधरता है यह एक जीनियस माइंडसेट है।
नियम तोड़ना और बनाना
एक शरारती बच्चा बिना किसी कारण के नियमों को ताड़ता है तो वहीं एक जीनियस बच्चा नियमों को बदलने का प्रयास करता है।
पैटर्न को समझें
- ‘‘शरारत’’ ऊर्जा और सही दिशा की कमी है।
- ‘‘जीनियस’’ उसी ऊर्जा का एक जिज्ञासु रूप होता है।
मोड दें सही दिशा में
शरारती बच्चे अक्सर अधिक ऊर्जावान, जिज्ञासु और रचनात्मक होते हैं, जबकि जीनियस बच्चे चीजों को बहुत गहराई से समझते हैं। हालांकि शरारत कई बार ध्यान आकर्षित करने के लिए भी हो सकती है, इसलिए इस अंतर को समझते हुए उन्हें एक सही दिशा प्रदान करने के लिए उनकी इस ऊर्जा को पहेलियां, विज्ञान, कला या रचनात्मक खेलों में बच्चों को लगाए। बच्चों के अटपटे सवालों को सुने और र्धर्यपूर्वक उनका उत्तर दें। गुस्सा आने पर बच्चों को डांटने के स्थान पर थोड़ा शांत होकर उन्हें सही उत्तर देने का प्रयास करें।
नियमों को चुनौति देना
शरारती बच्चे अक्सर बिना किसी कारण के ही नियम को तोड़ते हैं, क्योंकि उन्हें अनुशासन पसंद नहीं होता, जबकि जीनियस बच्चे नियमों को उनके पीछे के लॉजिक को समझने के लिए तोड़ते हैं। ऐसे में यदि आप उनसे कहते हैं कि ‘‘ऐसा मत करो’’ तो वह आपसे पूछेंगे कि क्यों न करें?। जब तक उन्हें आपकी बात के पीछे का सही कारण समझ नहीं आएगा, तब त कवह इस नियम को मानने से कतराते रहेंगे, जो कि आपको उनकी शरारत लग सकती है। हालांकि वह चीजों को एक अलग दृष्टिकोण से देखते हैं, जिसको आपको भी समझना होगा।
एकाग्रता और फोकस
माना जाता है कि शरारती बच्चों का मन बहुत चंचल होता है और वह एक स्थान पर टिककर नहीं बैठ सकते। लेकिन जीनियस बच्चों में एक खास बात यह होती है कि यदि उन्हें उनकी पसंद का कोई काम या पहेली मिल जाए तो वह सबकुछ भुलाकर उसमें घंटों खोए भी रह सकते हैं। ऐसे बच्चों का फोकस लेवल बहुत ऊँचा होता है। हालांकि, ऐसे में यदि कोई काम उन्हें बोरिंग लगता है तो उससे अपना ध्यान बहुत जल्दी हटा भी लेते हैं।
लगातार सवाल पूछना
साधारणतः शरारती बच्चे किसी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने के लिए अक्सर या तो चिल्लाते हैं या फिर वह जिद करते हैं। इसके विपरीत जीनियस बच्चों के पास कभी समाप्त नहीं होने वाला सवालों का एक खजाना होता है। वह केवल यह नहीं पूछते हैं कि यह क्या है, बल्कि वह यह भी पूछते हैं कि यह कैसे काम करता है, इसे किसने बनाया अथवा यदि ऐसा न हो तो क्या होगा आदि। जीनियस बच्चों की यह आदत किसी को भी थका सकती है, लेकिन यही प्रवृत्ति ही उनके भीतर छिपी हुई उनकी सीखने की इच्छा को दर्शाती है।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
