संस्कृतियों का अंतर      Publish Date : 19/07/2026

                 संस्कृतियों का अंतर

                                                                                                                   प्रो0 आर. एस. सेंगर

आज कल एक फिल्म अभिनेता के विवाह की चर्चा बहुत कम हो रही है जबकि उसकी जानकारी समाज के प्रत्येक जन को होनी चाहिए। यह चर्चा जो थोड़ी बहुत मीडिया में हो तो रही है। वह भी एक समाचार के रूप में हो रही है, जबकि इस घटना का विश्लेषण भारतीय संस्कृति के परिपेक्ष्य में होना चाहिए।

फिल्म अभिनेता आमिर खान ने पहला विवाह वर्ष 1989 में और इसके 16 वर्षों के बाद वर्ष 2002 में तलाक लेकर दूसरा विवाह किया। वर्ष 2005 में फिर 16 वर्ष बाद 2021 में तलाक और अब तीसरा विवाह वर्ष 2026 में किया है। इस तीनों विवाहों के लिए उसने हिंदू महिलाओं को ही चुना है। क्या यह भारतीय संस्कृति है? जहां महिलाओं को देवी का स्थान दिया गया है वहां एक ही व्यक्ति बार बार तीन अलग अलग महिला को भोग की वस्तु मानकर व्यवहार करें।

                                 

क्या यह एक सामान्य समाचार मात्र ही है। मुस्लिम आक्रांताओं के दौर में जो सामान्य घटनाएं थीं क्या वे अभी भी सामान्य ही मानी जानी चाहिए? आश्चर्य है कि हमारा बुद्धिजीवी समाज भी ऐसे विषयों पर शांत है, मानो उसने इस प्रकार के जीवन व्यवहार को मान्यता दे दी है। कहीं यह लव जिहाद को बढ़ावा देने के लिए की गई एक सोची समझी साजिश तो नहीं है?

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।