नवाचार हेतु स्टार्टअप नीति में बदलाव      Publish Date : 13/07/2026

     नवाचार हेतु स्टार्टअप नीति में बदलाव

                                                                                               प्रो0 आर. एस. सेंगर एवं इं0 कार्तिकेय

नवाचार हेतु स्टार्टअप नीति में बदलाव, आर्थिक संबंधों को प्रोत्साहन और ज्यादा मिलेगा-

कोई भी स्टार्टअप अपनी संकल्पना के साथ जोखिम लिए होता है। यदि उसमें किसी प्रकार का सहयोग मिले तो उसके सफल होने की संभावना बढ़ जाती है। प्रदेश में स्टार्टअप नीति 2026 को दी गई सुकीर्ति से युवा उद्यमों की राह आसान होगी। यह बात निर्देशक ट्रेनिंग प्लेसमेंट डॉ॰ आर. एस. सेंगर ने छात्रों को संबोधित करते हुए कही, उन्होंने छात्रों द्वारा नवाचार करने को प्रांत स्टार्टअप के क्षेत्र में कैसे आगे बढ़ेंगे, इसका पूर्ण मार्गदर्शन किया।

प्रोफेसर आर. एस. सेंगर ने बताया व्यावसायिक धरातल पर सबसे ज्यादा आवश्यकता पूंजी। उसके प्रभाव और अन्य तकनीकी अनुमति की होती है।शासन ने नई नीति के अंतर्गत स्टार्टअप मिशन की स्थापना 1000 करोड़ रुपए का स्टार्टअप फंड और 400 करोड़ रूपये का डाक्टर एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय कॉर्पस फंड गठित किया है, जिससे नई उम्मीद जगती है। स्टार्टअप को शुरुआती दो वर्षों तक हर महीने ₹20000 की भरण पोषण सहायता, 15,00,000 से ₹50,00,000 तक आरंभिक पूंजी और ₹5,00,00,000 तक समानुपातिक अनुदान मिलने से प्रदेश में नए उद्यम को प्रोत्साहन मिलेगा। व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा में आवश्यक है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, क्वांटम टेक्नोलॉजी, स्पेस टेक्नोलॉजी आदि के क्षेत्र में नवाचार हो सकता है। नई नीति में केवल व्यवस्थागत पूंजी प्रबंधन की ही चिंता नहीं की गई बल्कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और इनक्यूबेशन सेंटर आदि का भी प्रबंधन किया गया है। अनुसंधान व विकास पर भी सहायता का प्रावधान किया गया है। निश्चित उत्तर प्रदेश के उद्यमों को स्टार्टअप के माध्यम से वैश्विक नेटवर्किंग में नई पहचान मिलेगी। यह पहल प्रदेश में रोजगार की संभावनाओं के द्वार खोलेगी।

इन्क्वेटर्स को मिलेगा अधिक सहयोग

                               

इनक्वेटर्स के लिए पूंजीगत अनुदान 1 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 1.25 करोड़ रुपये किया गया है। पूर्वांचल और बुंदेलखंड के इन्क्वेटर्स के लिए यह राशि बढ़ाकर 1.50 करोड़ रुपए की गई है। परिचालन व अनुदान 30 लाख रुपए से बढ़ाकर40 लाख रुपए प्रतिवर्ष किया गया है।

सरकार द्वारा बीस नए सेंटर ऑफ एक्सेलेंस और डीपटेक यू हब की स्थापना होगी।

प्रदेश में बीस नए सेंटर ऑफ ऑक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे। इनका फोकस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, स्पेस टेक्नोलॉजी हेल्थटेक एग्रीटेक रोबोटिक्स सहित अन्य उभरती तकनीकों पर रहेगा। साथ ही सेंट्रल एक्सीलेंस के लिए वित्तीय सहायता 10 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 12 करोड़ रुपये कर दी गई है।

प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय आदित्य नाथ ने नई स्टार्टअप नीति के तहत स्टार्टअप के लिए वित्तीय सहायता बढ़ा दी है। इसके तहत भरण पोषण भत्ता 17,500 रूपये प्रतिमाह एक वर्ष से बढ़ाकर 20,000 रुपए प्रतिमाह दो वर्ष किया गया है। प्रोटोटाइप अनुदान पाँच लाख रुपये से बढ़ाकर दस लाख रुपये और शीड फंडिंग 7.5 लाख रुपए से बढ़ाकर 15 लाख रुपए कर दी गई है। विशेष परिस्थितियों में यह सहायता पचास लाख रुपए तक बढ़ाई जा सकेगी। इससे संबंधित उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति 2026 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दी गई है। सरकार की इस पहल से स्टार्टअप के लिए शुरुआती वित्तीय चुनौतियां कम होंगी और नवाचार, उद्यमता और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। युवाओं के लिए स्वरोजगार और रोजगार के नए अवसर सृजित हो सकेंगे।

                                  

आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग ने जारी इस नीति में कहा कि इसके तहत स्टार्टअप को शुरुआती चरण के लिए विस्तार अर्थात स्केल अप तक व्यापक वित्तीय और संस्थागत सहायता देने का प्रावधान किया गया है। नए वित्तीय प्रोत्साहनों में पेटेंट एवं गुणवत्ता प्रमाणन के लिए ₹2,00,00,000 तक की प्रतिपूर्ति मिलेगी। ₹5,00,00,000 तक की मैचिंग ग्रांट ₹2,00,00,000 तक की टर्म लोन पर 4% ब्याज सब्सिडी, ईपीएफ और ईएसआई की प्रतिपूर्ति उपलब्ध कराई जाएगी।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रोबोटिक्स, क्वांटम टेक्नोलॉजी, स्पेस टेक्नोलॉजी और अन्य उभरती तकनीकों पर आधारित डीप टेक स्टार्टअप को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा। ऐसे स्टार्टअप को बीस लाख रुपये तक रोटैप सहायता तीस लाख रुपये तक शीड फंडिंग100 करोड़ रुपए तक पेशेंस कैपिटल सहायता तथा अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों के लिए 40 पृथक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रोबोटिक्स, क्वांटम टेक्नोलॉजी, स्पेस टेक्नोलॉजी और अन्य उभरती तकनीकों पर आधारित डीप टेक स्टार्टअप को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा। ऐसे स्टार्टअप को बीस लाख रुपये तक रोटैप सहायता तीस लाख रुपये तक शीड फंडिंग 100 करोड़ रुपए तक पेशेंस कैपिटल सहायता तथा अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों के लिए पृथक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।