
लव जेहाद के विरूद्व काम करना ही होगा Publish Date : 09/07/2026
लव जेहाद के विरूद्व काम करना ही होगा
प्रो0 आर. एस. सेंगर
लव जेहाद एक ऐसा शब्द है जिसके अस्तित्व पर कभी प्रश्न उठाया जाया जाता था, परन्तु आज यह शब्द जन जन का विषय बनता दिखाई दे रहा है। अब चाहे वह देश का कोई भी हिस्सा हो गैर मुस्लिम महिलाओं को झूठ और प्रलोभन के द्वारा शिकार बनाने की घटनाएं दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं। विद्यालय में पढ़ने वाली बच्चियों से ले कर घर संभालने वाली महिलाओं तक सभी इस भयावह षड्यंत्र की चपेट में आ रही हैं। भारतीय समाज में विश्वास एक बहुत महत्वपूर्ण कड़ी है परिवार और समाज को साथ लेकर चलने के लिए इसी का फायदा जिहादी उठाते हैं और उनके मायाजाल में फसने वाले भोले भाले लोग जब तक इस मायाजाल को समझ पाते हैं तब तक बहुत देर हो चुकी होती है।
हाल ही में होने वाली विभिन्न घटनाओं के माध्यम से यह भी समझा जा रहा है कि केवल लालच प्रलोभन ही नहीं बल्कि जोर जबरदस्ती से शारीरिक शोषण करना और सामाजिक बदनामी का डर दिखा कर आर्थिक शोषण प्रारंभ करने के प्रचलन भी अब बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं। इसी सप्ताह सेना के एक ऑफिसर की पत्नी ने जब अपने पति से अपने साथ होने वाले दुर्व्यवहार और मानसिक प्रताड़ना की जानकारी दी तब यह विषय प्रकाश में आया। लेकिन हिंदू महिलाएं जिनका सामान्य संकोची स्वभाव स्वयं की समस्याओं का जिक्र न करना और अपने परिवार समाज की प्रतिष्ठा बनाए रखने का होता है। वह भी इस दलदल में फंसने के बाद निकलने का साहस नहीं दिखा पाती हैं।

लव जेहाद में अब केवल महिलाएं ही शिकार नहीं बन रही हैं बल्कि हमारे युवाओं को भी इसका शिकार बनाया जा रहा है, उनकी कमजोरियों को समझ कर उन्हें आकर्षण के जाल में फंसा कर धर्म कन्वर्जन कराकर मुसलमान बनाने तक खेल भी चल रहा है। अपने समाज को सुरक्षित करने के लिए हम सभी को इन घटनाओं के समय पीड़ित हिंदू परिवार के साथ मजबूती से खड़े होने तथा इन घटनाओं की सार्वजनिक चर्चा करने की आवश्यकता है, जिससे हम अपने समाज को इस चुनौती के प्रति जागरूक कर सकें और इसके सथ ही जो इस षड्यंत्र का शिकार बन चुके हैं उन्हें वापस इस दलदल से निकल कर समाज की जागरूकता का एम्बेसडर बनाकर इसके विरूद्व एकजुटता दिखते हुए इसके विरूद्व पर्याप्त प्रचार और प्रसार भी करना होगा।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
