राष्ट्र के लिए आवश्यक तत्व होता है एकता      Publish Date : 15/04/2026

   राष्ट्र के लिए आवश्यक तत्व होता है एकता

                                                                                                                     प्रोफेसर आर. एस. सेंगर

किसी भी राष्ट्र के लिए यह आवश्यक है कि उसे राष्ट्र के लोगों को आपस में जोड़ने वाला कोई एक तत्व होना चाहिए। इस प्रकार से यदि हम अपने राष्ट्र के संदर्भ में इसके सम्बन्ध में विचार करते हैं कि वह कौन सा तत्व है जो सबको जोड़ सकता है तब उत्तर मिलता है कि वह तत्व हिन्दुत्व है।

जैसे देश का इतिहास देश के सभी लोगों का है और जब इतिहास का टीका अध्ययन करते हैं तो वह 100 200 या 500 सालों का नहीं है बल्कि हजारों साल पुराना है। बिना किसी पूर्वाग्रह के भारत भूमि का इतिहास पढ़ने वाले प्रत्येक व्यक्ति को यह आभास होगा कि यदि वह भारतीय है तो वह अतीत का हिंदू ही है। भारत की परंपराएं जिन मूल्यों का प्रदर्शन करती हैं आज भी यदि उन मूल्यों को एक नाम देना हो तो वह नाम हिंदू ही होगा।

प्रत्येक समाज को जीवन को सार्थक करने के लिए प्रेरणादाई महापुरुषों की आवश्यकता होती है और भारतीय समाज के लिए प्रेरक महापुरुषों की श्रृंखला को एक शब्द देना हो तो वह शब्द फिर से हिंदू ही होगा। विपत्ति के समय जो शक्ति बनकर अपने समाज और राष्ट्र को उसे विपत्ति से लड़ने में सहायता करती है यदि हम इस दृष्टि से विचार करें जब भारत मुगल आक्रांताओं से लड़ रहा था तब हर हर महादेव और जय भवानी के नारे भारतीय समाज को शक्ति दे रहे थे, जब अंग्रेजों से लड़ रहे थे।

                                  

तब भारत माता को देवी के रूप में प्रस्तुत करने वाला गान वंदे मातरम क्रांतिकारियों की शक्ति बन गया। इस नई सदी में भारत को यदि एक बार फिर से शक्तिशाली बनाना है, तब पुनः इसके आधार में अपने समाज का जो स्वभाव विकसित करना होगा। वह भी हिंदू ही होगा, चाहे वह पर्यावरण के संरक्षण का हो, साधनों के सीमित दोहन का हो, मनुष्य को मनुष्यता के मार्ग पर ले जाने का हो, विशुद्ध राष्ट्र प्रेम हो या फिर फल की इच्छा ना करते हुए कर्तव्यों का निर्वहन करना हो।

अतीत से लेकर भविष्य तक भारत की शक्ति और वैभव के लिए जो जो बातें आवश्यक प्रतीत होती हैं उन सबको एक खांचे में डालना हो तो वह एक बार फिर से हिंदू ही होगा।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।