
हिंसक वामपंथ Publish Date : 05/04/2026
हिंसक वामपंथ
प्रोफेसर आर. एस. सेंगर
सभी की सुरक्षा और सभी के अधिकार का नारा लगाने वाले वामपंथ के लोग सदैव हिंसा करके अपने विरोधियों को डराने का प्रयास करते हैं। स्थान कोई भी हो समय कोई भी हो इनके पास अपने विचार की प्रस्तुत करने और अपने तर्क रखने का कोई रास्ता नहीं है। हाल के दिनों में आंध्र प्रदेश में संघ की शाखा पर वामपंथी गुंडों ने हमला कर दिया तो दूसरी तरफ दिल्ली की JNU में अपनी पढ़ाई में लगे एक विद्यार्थी की इसी प्रकार के गुंडों ने पिटाई की क्योंकि वह संघ प्रेरित विद्यार्थी समूह ABVP से संबंधित था ।

लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है और रखना भी चाहिए, लेकिन मेरी बात नहीं मानते इसलिए हम तुम्हे रहने नहीं देंगे, यह एक ऐसी जीवन दृष्टि है जो संपूर्ण मानव जाति के लिए ही खतरा है। आज जब भारत में कभी इस विचार को स्वीकार करने वाले और मानने वालों ने भी इसकी कमियों के चलते नकारना शुरू कर दिया तब विश्वविद्यालयों में इनके नेता विद्यार्थियों को हिंसा के लिए उकसाते हैं। JNU में एक कम्युनिस्ट प्रोफेसर एक दिन पहले ही एक कार्यक्रम करवाता है और दूसरे दिन इस प्रकार की घटना हो जाती है, यह एक संयोग मात्र नहीं है।

युवाओं के मस्तिष्क को दूषित कर उन्हें ही अपने राष्ट्र, संस्कृति और मानवता के विरुद्ध खड़ा करने वाले इन लोगों की पहचान और इनका तिरस्कार आवश्यक है।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
