उद्यमी बनेंगी महिलाएं, निराश्रितों को पेंशन      Publish Date : 15/03/2026

उद्यमी बनेंगी महिलाएं, निराश्रितों को पेंशन

                                                                                                      प्रोफेसर आर. एस. सेंगर

महिलाओं को प्राथमिकता दे रही योगी सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में भी उनकी झोली भरने की कोशिश की है। इस बार महिला एवं बाल विकास के लिए बजेट में 18,620 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है, जो वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुकाबले 11 प्रतिशत अधिक है। सरकार ने महिलाओं की सामाजिक सुरक्षा से लेकर तो ध्यान रखा ही है, उनको उद्यमी बनाने के रास्ते पर भी कदम आगे बढ़ाए हैं। केंद्र सरकार की शी मार्ट योजना को गति देने के लिए महिला उद्यमी उत्पाद विपणन योजना के साथ महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड योजनाओं की भी घोषणा की है।

बजट में मुख्यमंत्री महिला उद्यमी उत्पाद विपणन योजना के लिए 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है, यह योजना प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के लिए है। इनके 'बनाए उत्पादों की बिक्री की व्यवस्था इसके तहत की जाएगी। इसके साथ ही स्वयं सहायता महिलाओं को लघु उद्यम स्थापित करने, ऋण निर्भरता से मुक्त करने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए महिला उद्यमी क्रेडिष्ट कार्ड योजना में 151.04 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।

                           

इसके तहत महिलाओं को ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। ये दोनों योजनाएं लखपति दीदी के लक्ष्य को पूरा करने की कोशिशों को बल मिलेग। सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए काम कर रही है। वर्ष 2025-2026 में 58 हजार ग्राम पंचायतों में 39,880 बीसी सखी द्वारा 39 हजार करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय लेन-देन कर 107 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया गया है।

महिला सामर्थ्य योजना के तहत गोरखपुर, बरेली और रायबरेली में मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियों का गठन कर दुग्ध संग्रहण व विपणन का काम शुरू कर दिया गया है। अब प्रयागराज और लखनऊ में कंपनियों का गठन किया जाना है।

महिलाओं को ये मिलां

                              

  • निराश्रित महिला पेंशन योजना में 3500 करोड़ रुपये।
  • छात्रावासों के निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपये।
  • मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास निर्माण योजना के लिए 35 करोड़ रुपये।
  • मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के लिए 252 करोड़ रुपये।
  • मुख्यमंत्री बाल आश्रय योजना के भवन निर्माण को 80 करोड़।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।