
पर्यावरण के मित्र होते इलेक्ट्रिक वाहन Publish Date : 10/03/2026
पर्यावरण के मित्र होते इलेक्ट्रिक वाहन
प्रोफेसर आर. एस. सेंगर एवं डॉ0 शालिनी गुप्ता
अभी-अभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'पीएम ई-बस सेवा योजना' के तहत चंडीगढ़ के लिए लगभग 25 इलेक्ट्रिक बसों की वर्चुअल तरीके से शुरुआत की। इससे पहले, हिमाचल प्रदेश में भी ऐसी पहल हो चुकी है, जहां की सरकार ने वायु प्रदूषण को कम करने के लिए हिमाचल रोडवेज के लिए सिर्फ नई इलेक्ट्रिक बसें और अन्य सरकारी वाहन ही खरीदने का मन बनाया है। हिमाचल सरकार अपने सूबे में डीजल और पेट्रोल का प्रयोग भी कम करेगी।
यह एक अच्छी पहल है, जिसका न सिर्फ स्वागत किया जाना चाहिए, बल्कि इसकी सफलता की दिली कामना भी करनी चाहिए। यह अच्छी बात है कि अपने देश में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की तरफ लोगों का रुझान बढ़ने लगा है। सड़कों पर अब ज्यादा संख्या में ईवी दिखने लगी हैं। ये गाड़ियां पेट्रोल या डीजल पर नहीं चलतीं, बल्कि बैटरी से चलती हैं। इससे वायु प्रदूषण को कम करने में निश्चय ही मदद मिलेगी। इतना ही नहीं, ये गाड़ियां ध्वनि प्रदूषण को भी खत्म करने में कारगर मानी जाती हैं, क्योंकि इन गाड़ियों से आवाज बेहद ही कम निकलती हैं, और वह भी केवल नाममात्र की ही।
इस कारण ध्वनि प्रदूषण पर भी इसका खूब असर पड़ेगा। ऐसे में, जरूरी है कि इलेक्ट्रिक गाड़ियों को और अधिक सुलभ बनाने के प्रयास किए जाएं। लोगों को न सिर्फ प्रोत्साहित किया जाए, बल्कि जरूरी हो, तो ऐसी गाड़ियों पर सब्सिडी भी बढ़ाई जाए, ताकि सड़कों पर सिर्फ यही वाहन दिखें। वास्तव में देखा जाए, तो आने वाले समय में सौर ऊर्जा से भी वाहनों को चलते हम देख सकते हैं। ऐसा होना भी चाहिए, क्योंकि जीवाश्म ईंधन का विकल्प हमें ढूंढ़ना ही होगा। पृथ्वी को स्वच्छ बनाने के लिए पर्यावरण-हितैषी गाड़ियां आवश्यक हैं।

इलेक्ट्रिक गाड़ियों के कई फायदे हैं। एक तो यह कम धुआं छोड़ती हैं और फिर शोर भी नहीं करतीं। इतना ही नहीं, इनका मैंटेनेंस यानी रख-रखाव भी तुलनात्मक रूप से आसान होता है। पेट्रोल-डीजल की गाड़ियां जहां अधिक खर्चीली होती हैं, वहीं ईवी में जेब कम ढीली होती है। फिर, पेट्रोल की कीमतें जिस तरह से पिछले कुछ महीनों में बढ़ी हैं, उस कारण भी इलेक्ट्रिक गाड़ियां कहीं अधिक अच्छी जान पड़ती हैं। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर यह भी हुआ है कि लोगों के घरों का बजट बिगड़ गया है। इन सबको देखते हुए हमें इलेक्ट्रिक गाड़ियां ही अपनानी चाहिए। वैसे भी, भारत में प्रदूषण की जो स्थिति है, हवा जितनी खराब हो गई है, उसे देखते हुए हमें स्वच्छ ईंधन से चलने वाली गाड़ियां ही सड़कों पर दौड़ानी चाहिए।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
