इस बार होली पर चन्द्रग्रहण का साया      Publish Date : 02/03/2026

      इस बार होली पर चन्द्रग्रहण का साया

                                                                                     प्रोफेसर आर. एस. सेंगर एवं मुकेश शर्मा

इस वर्ष होली पर 122 साल बाद चंद्रग्रहण होगा, होलिका के दहन को लेकर भी हैं दो मत-

वर्ष 2026 की होली तिथि, भद्रा और चंद्रग्रहण को लेकर काफी चर्चा में है। करीब 122 साल बाद ऐसा योग बन रहा है, जब होली के आसपास चंद्रग्रहण पड़ रहा है। इससे होलिका दहन की तिथि को लेकर ज्योतिष विद्वानों में दो अलग-अलग मत बन हुए हैं। कुछ विद्वान 2 मार्च को चंद्र ग्रहण से पहले, तो कुछ 3 मार्च को चंद्रग्रहण समाप्त होने के बाद होलिका दहन कर्म को श्रेष्ठ बता रहे हैं।

                                

ज्योतिषविदों के अनुसार फाल्गुन पूर्णिमा 2 मार्च को शाम 5:55 बजे प्रारंभ होकर 3 मार्च को शाम 5:07 बजे तक रहेगी। 3 मार्च को दोपहर 3:20 से शाम 6:47 बजे तक चंद्रग्रहण रहेगा। ऐसे में ग्रहण, भारत में दृश्य होने के कारण इसका सूतक भी मान्य रहेगा। ग्रहण का सूतक काल सुबह 9:19 बजे से प्रभावी माना जाएगा।

तीन मार्च को होलिका दहन मान रहे उचित

                             

अधिकतर ज्योतषाचार्यों के अनुसार 3 मार्च को सूर्याेदय से संध्या तक पूर्णिमा तिथि रहेगी। वहीं, प्रदोष काल में भी पूर्णिमा का प्रभाव रहेगा और चंद्रग्रहण शाम 6:47 बजे समाप्त हो जाएगा। ऐसे में ग्रहण मोक्ष के बाद होलिका दहन करना उचित रहेगा और इस दिन भद्रा का प्रभाव भी नहीं रहेगा। ऐसे में 3 मार्च की शाम ग्रहण समाप्ति के बाद होलिका दहन पूजा पाठ सब उचित और शुभ है। ज्योतिष अन्वेषक अमित गुप्ता के अनुसार 3 मार्च को सुबह सूतक से पहले महिलाएं होलिका पूजन कर सकती हैं। ऐसे में रंगोत्सव 4 मार्च को मनाया जाएगा।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।