बोर्ड की परीक्षा पर विशेष      Publish Date : 30/01/2026

                                          बोर्ड की परीक्षा पर विशेष

                                                                                                                                                               प्रोफेसर आर. एस. सेंगर

  • छात्र मिशन एग्जामिनेशन के तहत अपने आत्मविश्वास और अनुशासन बनाए रखेंगे तो सफलता अवश्य ही प्राप्त होगी-

इस बार की दसवीं की परीक्षा 17 फरवरी से एवं 12वीं की परीक्षा 12 फरवरी से प्रारंभ होने जा रही है। अतः यह समय विद्यार्थियों के जीवन का एक महत्वपूर्ण पल होता है, जहां उनकी मेहनत, धैर्य और सही रणनीति सफलता की कुंजी बनती है। परीक्षा केवल ज्ञान की परीक्षा ही नहीं बल्कि मानसिक संतुलन, समय प्रबंधन और आत्मविश्वास की भी परीक्षा होती है। परीक्षा से पहले तनाव, चिंता और घबराहट होना स्वाभाविक है, लेकिन यह याद रखें कि जीवन में ऐसे कई अवसर आएंगे जब आपको दबाव में काम करना होगा। इसलिए घबराने के बजाए शांत बने रहें और अपनी तैयारी पर विश्वास रखें। यदि अपने पूरे वर्ष नियंत्रित अध्ययन किया है तो अंतिम समय में डरने की कोई आवश्यकता नहीं है।

नियमित अध्ययन और संतुलित समय प्रबंधन करें

                                                             

इस समय प्रत्येक विषय को प्रतिदिन समय देना अत्यंत आवश्यक है। इसके साथ ही जिस विषय में आप कमजोर हैं या जिसे कठिन मानते हैं, उसे अधिक समय दें। एक संतुलित स्टडी शेड्यूल बनाएं और इसका सत्य एवं निष्ठा से पालन करें। बार-बार समय सारणी बदलने से बचें और अनुशासन बनाए रखें। अब बोर्ड की परीक्षा केवल याद किए गए उत्तरों पर आधारित नहीं होती है बल्कि यह एप्लीकेशन बेस्ड और उच्च स्तरीय सोच वाले प्रश्नों पर भी जोर देता है। इसलिए पाठ सामग्री को अच्छी तरह से गहराई के साथ समझ कर पढ़े। अवधारणाओं को स्पष्ट करें और उदाहरण के साथ अभ्यास करें क्योंकि इससे उत्तर लिखते समय स्पष्ट और आत्मविश्वास आता है।

नोट्स तैयार कर खूब करें रिवीजन

परीक्षार्थियों को अपने सिलेबस को बखूबी समझने के बाद ही तैयारी को आगे बढ़ाना चाहिए। यह सुनिश्चित करने कि आप पाठ्यक्रम में शामिल अध्यायों और विषयों को जानते हैं तो विषय का व्यापक नोट तैयार करें। इस नोट से परीक्षा के दिन तक रिवीजन करें। अच्छी तैयारी के लिए पाठ सामग्री आपके पास होनी चाहिए। निर्धारित किताबों से ही पढ़ें उनके एनसीआरटी की किताब ही सबसे लाभकारी होगी। रटने के बजाय कॉन्सेप्ट यानी अवधारणाओं पर ध्यान दें। जानकारी को स्पष्ट करने के लिए आरेख, फ्लो चार्ट और तालिकाओं या टेबल का उपयोग कर सकते हैं। यदि आप फ्लो चार्ट के माध्यम से तैयारी करेंगे तो यह काफी आसान रहेगी और उत्तर पुस्तिका पर उसका प्रदर्शन भी अच्छा कर सकेंगे।

डायग्राम का भी अभ्यास करें

कई विषय ऐसे होते हैं जिनमें डायग्राम बनाने की आवश्यकता होती है। इसलिए आप डायग्राम बनाने का अभ्यास करें। डायग्राम बनाने के बाद लेवल भी करें और पिछले वर्षों के बोर्ड परीक्षा पेपर हल करने का अभ्यास भी करें। इससे बोर्ड परीक्षा पैटर्न और प्रश्नों के प्रकार की अच्छी जानकारी व अभ्यास कर सकेंगे। निर्धारित समय में पेपर हल करने की कोशिश करेंगे तो पेपर हल करने की रफ्तार और सटीकता दोनों का अभ्यास हो सकेगा।

समय-समय पर रिवीजन में निरंतरता बनाए रखें

अच्छी तैयारी पढ़ाई के साथ उसके निरंतर रिवीजन से ही सुनिश्चित होती है, इसलिए परीक्षार्थी विभिन्न टॉपिक को एक दो बार पढ़ने के बाद ही आस्वत न हो जाएं और निरंतर अभ्यास करते रहे। इस प्रक्रिया से पढ़े हुए बिंदुओं पर आपकी पकड़ मजबूत होगी। ग्रुप में पढ़ते हो तो कुछ समय पढ़ सकते हैं। किसी भी बिंदु पर कोई भी दिक्कत हो तो इस समय अपने शिक्षकों से मदद लेकर दूर करें और महत्वपूर्ण बिंदुओं पर फोकस करें।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।