बोर्ड की परीक्षा के लिए खास टिप्स      Publish Date : 29/01/2026

                बोर्ड की परीक्षा के लिए खास टिप्स

                                                                                                                                                              प्रोफेसर आर. एस. सेंगर

  • परीक्षा के दौरान लेखन में सही फॉर्मेट कॉपी मे लिखे छात्र

पढ़ने की विधि सही अपनाये याददाश्त बढ़ेगी

परीक्षा के दिनों में समय सीमा का ध्यान रखते हुए प्रश्नों को हल करें। अंत में 10 मिनट उत्तर पुस्तिका की जांच के लिए रखें, ताकि कोई प्रश्न छूट जाए तो उसे पूरा कर सके। लेखन क्षमता बढ़ाने व समय सीमा का अभ्यास शुरू करें। पूर्व वर्षों में जो प्रश्न आए हैं उन प्रश्न पत्रों को हाल करने की कोशिश करें। अच्छी प्रस्तुति भी अंक लाने में सहायक होती है। साफ लिखावट, सही पैराग्राफ और महत्वपूर्ण कथनों शब्दों को रेखांकित करना परीक्षक पर अच्छा प्रभाव डालता है। इसलिए महत्वपूर्ण बिंदुओं को अंडरलाइन अवश्य कर ले।

बोर्ड परीक्षा की बेहतर तैयारी के लिए सबसे पहले पाठ पुस्तक पर ही पूरा ध्यान दें। रीडिंग क्षेत्र में अपठित गद्यांश जो की 15 अंकों तक का होता है जो बहुत महत्वपूर्ण है। यही अपठित गद्यांश को ध्यान से पढ़ना चाहिए अर्थात प्रत्येक प्रश्न को ध्यान से पढ़ने के बाद ही उसका उत्तर लिखने की कोशिश करें। अंग्रेजी में वर्तनी और व्याकरण की गलतियों से बचना बहुत जरूरी है। अपठित गद्यांश के मुख्य विचार कठिन शब्द व उनके अर्थ पर ध्यान देना आवश्यक है। ऐसा करके परीक्षार्थी अधिक अंक प्राप्त कर सकते हैं। राइटिंग सेक्शन पर भी ध्यान दें, व्यवस्थित तरीके से अपने उत्तरों को लिखें।

                                                       

बहुत से छात्र को शिकायत होती है की परीक्षा में वह अधिक बोलते हैं और याद उसकी नहीं होता और मेमोरी को कैसे बढ़ाया जाए इस पर भी ध्यान देना होगा। अधिकांश परीक्षार्थी यह मान लेते हैं कि उनकी याददाश्त कमजोर है, जबकि वास्तविकता यह है की मेमोरी किसी की कमजोरी नहीं होती बल्कि पढ़ने की तकनीक गलत होती है। मस्तिष्क शब्दों की तुलना में चित्र कहानी और भावनाओं की अधिक प्रभावी ढंग से याद रखना है। उन्होंने परीक्षार्थियों को विजुलाइजेशन तकनीक से विषय को चित्र के रूप में समझने की सलाह दी।

छात्रों को विश्व के लिए स्टोरी मेथड को अंतत उपयोगी होता है लंबे उत्तरों के लिए चेकिंग तकनीकी के अंतर्गत विषय को छोटे-छोटे बिंदुओं में बताकर पढ़ने की आवश्यकता होती है। निमोनिक  तकनीकी के माध्यम से कठिन शिशु को सरल वाक्य में बदलकर याद रखना माइंड मैप तकनीक से पूरे अध्याय को एक प्रश्न पर समझने और एक्टिव रिकॉर्ड तकनीक से बिना किताब देखें अभ्यास करने पर विशेष जोर दिया जाना चाहिए। साथ ही स्पेस रिवीजन तकनीक से जानकारी दीर्घकालिक स्मृति में स्थान बनती है जबकि फाइनेंस तकनीक के माध्यम से विषय को सरल भाषा में समझाने से अवधारणाएं मजबूत होती है। परीक्षा से पूर्व अभ्यास के लिए बेटिंग तकनीक मेमोरी प्लेस मेथड ऑफ़ लासी टैग सिस्टम लिंक मेथड एक्रोनीम तकनीकी और रिवर्स रिकॉर्ड तकनीक को अत्यंत प्रभारी रहता है। प्रतिदिन अभ्यास धीरे-धीरे करने से मेमोरी बढ़ती है और अच्छे अंक प्राप्त करने में सहायता मिलती है। मेमोरी यानी याददाश्त कभी कमजोर नहीं होती यदि मेमोरी कमजोर होती तो व्यक्ति अपना नाम घर का रास्ता हुआ रोजमर्रा की बातें भी भूल जाता है।

                                                         

समस्या मेमोरी में नहीं बल्कि पढ़ने की गलत विधि में होती है। रात कर पढ़ाई करने से जानकारी थोड़े समय के लिए याद रहती है लेकिन परीक्षा में उसे दोहराना कठिन हो जाता है। मस्तिष्क तत्वों के बजाय चित्र कहानी भाव और तर्क को अधिक प्रभावित ढंग से याद रखना है। पर्स आरती विजुलाइजेशन तकनीकी स्टोरी मेथड माइंड मैप मनेमोनिक एक्टिव रिकॉल टैग सिस्टम लिंक मेथड और रिवीजन साइकिल का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह तकनीक के बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंक लाने में प्रभावित होती हैं क्योंकि यह मस्तिष्क की प्राकृतिक कार्य प्रणाली पर आधारित है ना कि किसी विशेष पहचान पर जब परीक्षार्थी सही तरीके से पढ़ना सीख जाते हैं और उन्हें यह विश्वास हो जाता है कि वह याद रख सकते हैं तो आत्मविश्वास बढ़ता है और परीक्षा कब है भी काम हो जाता है। इस दौरान अभिभावकों को बच्चों पर अनावश्यक दबाव नहीं डालना चाहिए उन्हें भावना तक सहयोग देने की आवश्यकता होती है। शांत वातावरण और सकारात्मक संवाद बच्चों की ईश्वर शक्ति को मजबूत करता है।

प्राय देखा गया है कि भूलने का मुख्य कारण बुद्धि की कमी नहीं बल्कि परीक्षा का तनाव होता है। तनाव के समय मस्तिष्क में कॉर्टिसोल नामक हार्मोन बढ़ जाता है जिसे ईश्वर शक्ति अस्थाई रूप से प्रभावित होती है। यही कारण है की परीक्षा कक्षा में पहुंचते ही परीक्षार्थी ब्लैक महसूस करने लगते हैं। मेमोरी यानी याददाश्त कभी कमजोर नहीं होती यदि मेमोरी कमजोर होती तो व्यक्ति अपने जीवन में अस्त व्यस्त हो सकता था लेकिन ऐसा नहीं होता। इसलिए अपनी याददाश्त और मेमोरी को ठीक करने के लिए पढ़ने की विधि का सही तरीका अपनाएं जिससे आप परीक्षा के दौरान अच्छा लिख सके।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।