कैसे जाने अपने कौन      Publish Date : 03/01/2026

                         कैसे जाने अपने कौन

                                                                                                                                                                प्रोफेसर आर. एस. सेंगर

अपने वे नहीं जो तस्वीरों में आपके संग नजर हैं आते।

अपने वे जिनको हर पल, हर तकलीफ में पास हैं पाते।।

अपने वे नहीं, जो कोई बुरी खबर सुन दौड़े हैं चले आते।

अपने वे जो हर दुख-दर्द में चुपचाप आपके काम हैं आते।।

अपने वे नहीं, जो नाम के रिश्तों की डोर में सदा बंधे रहते।

अपने वे जो साँसों व दिल से जुड़े, हर हाल में हैं साथ होते ।।

अपने वे नहीं, जो परेशानी सुनकर सहानुभूति हैं जताते।

अपने वे जो बिना कहे, हर दर्द में भागीदार हैं बन जाते।।

अपने वे नहीं, जो अहसानकर आपको उसका मोल बताते।

अपने वे जो हर सहायता कर, चुपचाप स्वयं आगे बढ़ जाते ।।

अपने वे नहीं, जो आपके लिए राहों में हैं बस कांटे बोते।

अपने वे जो खुद जख्मी होकर भी, आपको पुष्प हैं देते।।

अपने वे नहीं जो मुश्किल वक्त में फोन करने को कहते।

अपने वे जो हर मुसीबत में साये की तरह सदा संग रहते।।

अपने वे नहीं जो वक्त बेवक्त सदा आपकी याद में रहते।

अपने वे जो दूर रहकर भी हर लम्हा पास ही नजर आते ।।

अपने वे नहीं जो अपनी परेशानियों में आपको भूल जाएँ।

अपने वे जो हर मुश्किल घड़ी में आपके लिए दौड़े चले आएँ।।

अपने वे नहीं जो दुनिया के आगे अपनेपन का दिखावा करें।

अपने वे जो बिना एक शब्द बोले भी अपनापन हैं जता जाते।।

अपने वे नहीं जो आपकी परेशानी देख बस सांत्वना दें।

अपने वे जो आपकी हालत देख खुद तकलीफ सह लें।।

अपने वे नहीं जो झूठी कसमों से रिश्ता मजबूत करें।

अपने वे जो बिना कहे ही विश्वास का रिश्ता जोड़ लें।।

अपने वे नहीं जो आपके हर दुख का बस कारण ढूंढते फिरें।

अपने वे जो आपके दर्द को अपना समझ खुद उसमें डूबें ।।

अपने वे नहीं जो नाम के केवल रिश्ते निभाने आते हैं।

अपने वे जो बिना कहे, बिना मांगे हर दर्द बाँट जाते हैं।।

अपने वे जो बिना शर्त, बिना स्वार्थ हर रिश्ता निभाते।

अपने वे जो हर हाल में सदा आपके ही हैं कहलाते ।।

भाकृअनुप-भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, लखनऊ के सौजन्य से प्रस्तुत।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।