
कांग्रेस में डॉक्टर हेडगेवार Publish Date : 31/12/2025
कांग्रेस में डॉक्टर हेडगेवार
प्रोफेसर आर एस सेगर
12 जुलाई 1922 डॉक्टर हेडगेवार जेल की सजा पूरी कर बाहर आए। कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व मूसलाधार वर्षा में भी उनके स्वागत के लिए उपस्थित था। पंडित मोतीलाल नेहरू, राजगोपालाचारी, हकीम अजमल खान, कस्तूरीरंगन आयंगर जैसे बड़े नेता स्वागत सभा को संबोधित कर रहे थे। डॉक्टर जी ने इस अवसर पर कहा किसी जेल में एक साल के लिए राज्य का अतिथि बन जाने का अर्थ है या नहीं है कि मेरी योग्यता बढ़ गई है ना ही दुनिया में इसने मुझे कोई नई पहचान दी है।

यदि ऐसा है कि मेरी योग्यता बड़ी हुई लगने लगी है तो इसके लिए सरकार को धन्यवाद दिया जाना चाहिए, हमारे लिए पूर्ण स्वतंत्रता से कम कोई भी लक्ष्य आदर्श नहीं होगा। इसके बाद वे कांग्रेस की राज्य समिति के संयुक्त सचिव निर्वाचित हो गए तथा सब प्रकार के मतवादों के बीच वे भारत की पूर्ण स्वतंत्रता के लिए सभी मार्गों का सम्मान करते हुए अपना योगदान करते रहे।
कांग्रेस में एक बार क्रांतिकारियों की आलोचना करने वाला एक प्रस्ताव लाया गया। डॉक्टर हेडगेवार ने कहा कि यदि समिति क्रांतिकारियों के मार्ग को नहीं अपनाना चाहती तो भी उसके सदस्यों को उनके देशभक्ति पर संदेह नहीं करना चाहिए। विपरीत विचार और मतभेदों के बाद भी डॉक्टर जी का सबसे सौहार्दपूर्ण संबंध बना रहता था। इसीलिए पंडित राम गोपाल विद्यालंकार निकाह कि जब भी मैं उनके घर जाता था तो वह दिल खोलकर हंसते और मेरा स्वागत करते। लेकिन साथ ही साथ कहता कि मैं आपका स्वागत कर रहा हूं आपके विचारों का नहीं।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
