
जासूसी कौन कर रहा है? Publish Date : 04/12/2025
जासूसी कौन कर रहा है?
प्रोफेसर आर. एस. सेंगर
अत्याधुनिक साधनों के बढ़ते दौर में अपराधों का स्वरूप भी इसके अनुरूप हो गया है। साइबर सुरक्षा एक प्रमुख विषय बन गया है क्योंकि आए दिन हम सभी के संपर्क में कोई न कोई व्यक्ति इस प्रकार के अपराधों का शिकार हो रहा है। अपने देश में एंड्रॉयड और आईफोन दो प्रकार के मोबाइल प्रयोग में हैं, यह दोनों मूलतः विदेशी नियंत्रण में हैं। भारत सरकार ने संचार साथी नाम से एक सुरक्षा का एप्लीकेशन सभी उपयोगकर्ताओं को उपयोग करने का विकल्प दिया है जिस पर श्रीमती प्रियंका वाड्रा जैसे नेता यह कहते हुए विरोध कर रहे हैं कि आप जनता के निजी जीवन की जासूसी करने के लिए यह app दे रहे हैं।

समझ में नहीं आता कि कहने को तो यह पढ़े लिखे नेता है लेकिन इनकी बुद्धि को क्या हुआ है? इंटरनेट की दुनिया में हमारे द्वारा ढूंढी गई देखा गई या पढ़ी गई सामग्री की जानकारी गोपनीय होना संभव नहीं है क्योंकि वह सब सामग्री कहीं न कहीं रखी है जहां से हम एक्सेस कर रहे है, और इन सबका माध्यम हमारा मोबाइल फोन है जो विदेशी नियंत्रण में है, हमारी जासूसी अमेरिका अपने घर से कर रहा है यह तो मंजूर है लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से एक वैकल्पिक सॉफ्टवेयर जो हमारी सरकार हमारे वैज्ञानिक उपलब्ध करवा रहे हैं वह मंजूर नहीं है।
भ्रम उत्पन्न करने वाले नेताओं ने देश को भ्रमित कर देश की प्रगति को सदैव रोकने का प्रयास किया है। हमे सावधान रहने की आवश्यकता है, कि जासूसी कौन कर रहा है?
इन सबका माध्यम हमारा मोबाइल फोन है जो विदेशी नियंत्रण में है, हमारी जासूसी अमेरिका अपने घर से कर रहा है यह तो मंजूर है लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से एक वैकल्पिक सॉफ्टवेयर जो हमारी सरकार हमारे वैज्ञानिक उपलब्ध करवा रहे हैं वह मंजूर नहीं है। भ्रम उत्पन्न करने वाले नेताओं ने देश को भ्रमित कर देश की प्रगति को सदैव रोकने का प्रयास किया है हमे सावधान रहने की आवश्यकता है।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
