
स्वदेशी की ओर बढ़ता अपना देश Publish Date : 16/11/2025
स्वदेशी की ओर बढ़ता अपना देश
प्रोफेसर आर. एस. सेंगर
“अपने हितों से समझौता न करते हुए स्वदेशी की ओर बढ़ता अपना देश”
दीपावली से शुरू हुई पर्वों की श्रृंखला में धन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है जब प्रत्येक मनुष्य अपने पास सिंचित धन का उपयोग अपने अनुसार समान खरीदने में लगाता है। इस बार के आंकड़ों के अनुसार 85 प्रतिशत से अधिक लोगों ने स्वदेशी को प्राथमिकता दी है।
वहीं स्वदेशी वस्तुओं का व्यापार 25 प्रतिशत तक बढ़ गया है। अमेरिका के अनेक प्रतिबंधों के प्रयास के बाद भी अपना निर्यात अन्य देशों में बढ़ रहा है क्योंकि जब 100 करोड़ से अधिक लोग जब अपने देश और अपनी तकनीकी से बनाए उत्पादों पर विश्वास करना शुरू करते हैं तब विश्व के अन्य देश भी उन उत्पादों के प्रति अपनी रुचि दिखाने ही लगते हैं।
विमान निर्माण के क्षेत्र में भी विदेशी सहायता से स्वदेशी वातावरण में अच्छे परिणाम आने वाले दिनों में देखने को मिलेंगे जब असमान में उड़ता जहाज विश्व में गर्व से मेक इन भारत का शंखनाद कर रहा होगा। अब केवल बात साबुन और दंत मंजन तक ही नहीं बल्कि मोबाइल और सॉफ्टवेयर की दुनिया में भी भारत के उत्पाद न केवल सभी कसौटियों पर खरे उतर रहे हैं बल्कि अपने अपने क्षेत्रों में भारत के नेतृत्व का मार्ग भी प्रशस्त कर रहे हैं।

स्वाधीनता के संघर्ष के रूप में विदेशी वस्तुओं को जलाने और स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने की अनेक घटनाएं हमने सुनी हैं वास्तव में आज स्वदेशी का उपयोग बढ़ाना प्रकार देशभक्ति का प्रकटीकरण है।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
