
सही समय पर सवाल पूछ कर ही सही दिशा में सुधार किया जा सकता है Publish Date : 02/11/2025
सही समय पर सवाल पूछ कर ही सही दिशा में सुधार किया जा सकता है
प्रोफेसर आर. एस. सेंगर
किसी भी संगठन में कर्मचारियों को फीडबैक लेने देने के लिए प्रोत्साहित करना काफी लाभकारी सिद्व होता है। जब लोग नियमित रूप से एक दूसरे से सुझाव मांगते हैं तो उनमें विनम्रता बढ़ती है, डर कम होता है और खुलकर सीखने की भावना विकसित होती है। हालांकि ऐसी संस्कृति अपने आप नहीं बनती, बल्कि इसके लिए टीम लीडर को टीम के सदस्यों को सही ढंग से फीडबैक लेना सीखना अन्य लीडर्स को उदाहरण बनाना अच्छे व्यवहार को प्रस्तुत करना और फीडबैक को रोजमर्रा के काम का हिस्सा बनाना होता है। इससे एक ऐसी कार्य संस्कृति बनती है, जहां हर कोई सहजता से सीखता है और आगे बढ़ता है। हमारे आज के इस लेख में ऐसा करने की कुछ व्यावहारिक रणनीतियां बताई जा रही हैं जिन पर आपको ध्यान देना होगा-
सवाल पूछने की कला आनी चाहिए
कुशलता पूर्वक सवाल पूछना भी एक कला है, जिसे सीखना पड़ता है। जब टीम के सदस्य बिना मार्गदर्शन के ऐसे करने का प्रयास करते हैं, तो अक्सर उनके सवाल और सुझाव अस्पष्ट एवं अधूरे होते हैं। इस कारण उन्हें उनका सही जवाब नहीं मिल पाता है। इसलिए टीम के सदस्यों को सही व प्रभावी सवाल पूछने की क्षमता की विकसित करने में उनकी मदद करें। उनसे पूछे कि क्या आप बता सकते हैं कि कहीं मेरी बात आपको लंबी तो नहीं लग रही है या मेरे तरीके से बातचीत में कहां फायदा हुआ और कहां टकराव। फॉलो अप सवाल भी पूछे कि अगर इस चीज को कम में लागू किया जाए तो इसका परिणाम कैसा मिलेगा।
केवल दिशा ना दिखाएं
किसी भी टीम लीडर का काम केवल दिशा दिखाने का ही नहीं होता, बल्कि वह संगठन का माहौल और संस्कृति भी तैयार करते हैं, ऐसे में से सवाल पूछना ही पर्याप्त नहीं होता है। इसके अलावा यह जानना भी महत्वपूर्ण है कि आप किसी जवाब पर कैसे प्रक्रिया करते हैं। कौन सी जानकारी साझा करते हैं और सुझावों पर क्या कार्रवाई करते हैं। यही तय करेगा कि आपकी सीखने और सुधारने की संस्कृति कितनी मजबूत होगी।
दूसरों की सराहना करना भी सीखें
टीम का कोई सदस्य जब कोई सवाल पूछे तो उसकी सराहना भी करें। उन्हें सोच समझकर और विचारशील सवाल पूछने के लिए प्रोत्साहित करें। पदोन्नति या प्रोत्साहन की स्थिति में यह स्पष्ट करें कि आपने सुझाव मांगने व सवाल पूछने वाले लोगों की कद्र की है। इससे आप साबित कर सकेंगे की बेहतर सवाल पूछने वाले भी आगे बढ़ सकते हैं ना कि सिर्फ अच्छे जवाब देने वाले ही आगे बढ़ेंगे।
पहले पूछने की आदत डालें
अपनी दिनचर्या में पहले पूछो की आदत शामिल करें। इसके लिए साल में दो बार प्रत्येक कर्मचारी को आपसे यह सहकर्मियों से दो सराहनीय बातें या दो सुधार योग्य पहलू साझा करने के लिए कहें, इससे फीडबैक समान और सहज बन जाता है। प्रदर्शन व टीम के रिश्ते मजबूत होते हैं और सीखने की संस्कृति को गहराई मिलती है।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
