
कृषि विश्वविद्यालय में 2 नवंबर से अखिल भारतीय किसान मेला एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी का आयोजन Publish Date : 30/10/2026
कृषि विश्वविद्यालय में 2 नवंबर से अखिल भारतीय किसान मेला एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी का आयोजन
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वैज्ञानिक आधारित कृषि, खुशहाल किसान इस बार मेले की है थीम डॉ॰ त्रिवेणी दत्त कुलपति
सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में 2 से 4 नवंबर तक अखिल भारतीय किसान मेला एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। कुलपति डॉ॰ त्रिवेणी दत्त ने बताया कि इस बार इस मेले मैं मुख्य आकर्षण, वैज्ञानिक आधारित कृषि एवं खुशहाल किसान रखा गया है।
किसान मेले में इस बार सौ से अधिक कंपनियों के स्टाल लगाए जाएंगे
कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ॰ त्रिवेणी दत्त ने बताया कि इस मेले में कई प्रदेशों, के किसानों की भागीदारी रहेगी। कृषि विश्वविद्यालय कुलपति के डॉ॰ त्रिवेणी दत्त ने बताया कि देश के समग्र विकास हेतु कृषि विकास का लाभ विभिन्न काश्तकारों, विशेषकर लघु एवं सीमांत कृषकों को मिलना चाहिए। तकनीकी ज्ञान के अभाव के कारण वर्तमान में कृषक अनेक चुनौतियों से जूझ रहा है जैसे जलवायु परिवर्तन उत्पादन में गिरावट, मृदा स्वास्थ्य में कमी, किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य न मिल पाना एवं पोषण असुरक्षा आदि की समस्याएं किसानों के सामने हैं।
इनका समाधान कैसे हो और कौन सी तकनीकी उनके लिए लाभकारी होगी, इन सब से संबंधित सुझाव एवं तकनीक ज्ञान मेले के दौरान दिया जाएगा। मेले में किसान गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा, जिसके माध्यम से वैज्ञानिकों द्वारा कृषि से संबंधित समस्याओं का समाधान गोष्ठी में ही किया जाएगा।
निर्देशक प्रसार डॉ॰ सतेन्द्र खारी ने बताया कि इस 3 दिवसीय मेले में कृषकों, प्रसार कार्यकर्ताओं एवं अन्य आगंतुकों को कृषि शोध की नवीनतम तकनीकी उन्नत कृषि, आधुनिक यंत्रों, पशुपालन एवं पशु चिकित्सा से संबंध में नवीनतम जानकारी मेले में दी जाएगी।
मेले में कृषि संबंधी नवीनतम तकनीकी एवं उत्पाद प्रदर्शित करने हेतु स्टाल लगाए जाएंगे स्टालों पर। कृषि विविधीकरण किसी निवेश शोधकार्य, गुणवत्ता, बीज उत्पादन, जैविक नियंत्रण, प्राकृतिक खेती, साख, भाजी, उत्पादन औधानिक पुष्पोत्पादन, औषधीय एवं सगंधीय, पौध, कृषि अभियंत्रण, डेयरी विकास एवं प्रसंस्करण, जैव प्रौद्योगिकी, गृहविज्ञान एवं उद्यमिता विकास आदि से संबंधित जानकारी प्रदान की जाएगी।
किसान मेले में अत्यधिक संख्या में किसानों द्वारा प्रतिभाग किया जाता है। मेले के तीनों दिन प्रांगण में ही किसी गोष्ठी चौपाल का आयोजन भी किया जा रहा है। यहां पर किसानों की समस्याओं का निराकरण करने के लिए वैज्ञानिक और किसान रूबरू होते हैं। कृषि गोष्ठी के दौरान विभिन्न विषयों पर उच्च स्तरीय व्याख्यान माला का भी आयोजन भी किया जाएगा।
मेले का समापन एवं पुरस्कार वितरण 4 नवंबर को आयोजित होगा
डॉक्टर पी के सिंह ने बताया कि मेले में विभिन्न कंपनियों के स्टालों एवं प्रतिष्ठानों हेतु पंजीकरण किया जा रहा है तथा उनको पंडाल, जिनका साइज 15x15 रखा गया है, आवंटित किए जा रहे हैं।
निदेशक प्रसार डॉ॰ सत्येन्द्र खारी ने बताया कि मेले की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मेला स्थल पर पंडाल लगाने प्रारंभ कर दिए गए हैं। इस मेले में विभिन्न प्रदेशों के 50,000 से अधिक किसानों के भाग लेने की संभावना है। उन्होंने बताया कि मेले में गेहूँ के बीज के अलावा किसान सब्जी फल, फूल के बीज खरीदने के लिए आते हैं, क्योंकि मेले में विभिन्न कंपनियों तथा विश्वविद्यालय द्वारा तैयार किए गए बीजों की बिक्री की जाती है।