कृषि विश्वविद्यालय में ऐकडेमिक काउंसिल की 100वीं बैठक      Publish Date : 10/10/2026

कृषि विश्वविद्यालय में ऐकडेमिक काउंसिल की 100वीं बैठक

सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में कुलपति सभागार में ऐकडेमिक काउंसिल की 100वीं बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में 21 एजेंडे प्रस्तुत किए गये।

कार्यक्रम का प्रारंभ कुलसचिव डॉ॰ वी. पी. सिंह के स्वागत भाषण से प्रारंभ हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ त्रिवेणी दत्त द्वारा की गई। इस बैठक में विश्वविद्यालय में स्टूडेंट्स सर्विस सेन्टर एवं कृषि व्यवसाय केंद्र प्रारंभ करने की अनुमति दी गई।

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के उच्च शिक्षण संस्थानों में शारीरिक फिटनेस, खेल छात्र, स्वास्थ्य मनोविज्ञानिक एवं भावनात्मक कल्याण संबंधी दिशा निर्देशों के अनुसार विश्वविद्यालय में स्टूडेंट सर्विस सेन्टर प्रारंभ कर देने की अनुमति दी गई। इसका उद्देश्य छात्रों को शारीरिक, मनोवैज्ञानिक, भावनात्मक एवं समग्र कल्याण संबंधी सेवाएँ उपलब्ध कराना है।

                      

इसी प्रकार, कृषि व्यवसाय केंद्र में नवाचार इन्क्यूबेशन, स्टार्टअप प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, व्यवसायीकरण तथा खाद्य प्रसंस्करण संयंत्रों के स्थापना एवं संचालन के माध्यम से कौशल विकास, उत्पाद विकास एवं उद्यमिता को बढ़ावा दिए जाने के दृष्टिगत विश्वविद्यालय में कृषि व्यवसाय केंद्र स्थापित किया जाएगा। इस केंद्र का उद्देश्य नवाचार, बौद्धिक संपदा अधिकार एवं प्रौद्योगिकी स्थानांतरण व्यावसायीकरण इक्वेशन, स्टार्टअप विकास उद्यमता, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास, खाद्य प्रसंस्करण एवं मूल संवर्धन, सार्वजनिक निजी सहभागिता उद्योग, शैक्षणिक सहयोग एवं संसाधन अभिशरण केंद्र स्थापित होंगे। इस केंद्र के संचालन हेतु प्राध्यापक को निदेशक किसी व्यवसाय केंद्र नामित किया जाएगा।

बैठक में विश्वविद्यालय द्वारा निर्णय लिया गया जिन पदों पर कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुए वहां पर पदों के सापेक्ष संपन्न हुए साक्षात्कार में यदि कोई अभ्यर्थी चयनित न होने की दशा में रिक्त पद अर्थात पदों को पुनः विज्ञापित किया जा सकेगा। इसी प्रकार विश्व विद्यालय में चयनित विभिन्न ऐकडेमिक प्रोग्राम्स में पाठ्यक्रमों की संरचना विषय वस्तु एवं प्रोग्राम वाइज क्लासिफिकेशन को अधिक सुव्यवस्थित एवं तार्किक बनाने के उद्देश्य से कोशिश के कोर्स कोड में संशोधन किया गया।

                         

नए कोर्स की शुरुआत करने के लिए जो एजेंडे आए थे उनको कुलपति डॉ॰ त्रिवेणी दत्त की सहमति के बाद डीन पीजी की फैकल्टी मीटिंग में डिस्कशन के उपरांत आगामी एकेडमिक काउंसिल में प्रस्तुत किए जाने हेतु सहमति बनी इस बैठक में विभिन्न कॉलेजों के अधिष्ठाता निदेशक, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष तथा एकेडमिक्स काउंसिल के सभी सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम में स्वागत एवं धन्यवाद प्रस्ताव कुलसचिव डॉ वीपी सिंह द्वारा दिया गया संचालन डा प्रमिला उमराव द्वारा किया गया।