कृषि विश्वविद्यालय में महिला प्रौद्योगिकी पार्क का उद्घाटन      Publish Date : 07/09/2026

कृषि विश्वविद्यालय में महिला प्रौद्योगिकी पार्क का उद्घाटन

कृषि विश्वविद्यालय, मेरठ में महिला प्रौद्योगिकी पार्क का उद्घाटन एवं सुगंधित मोमबत्ती, परफ्यूम एवं अगरबत्ती-धूपबत्ती निर्माण पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन-

सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेरठ में महिला प्रौद्योगिकी पार्क का उद्घाटन माननीय कुलपति डॉ0 त्रिवेणी दत्त जी के द्वारा किया गया। यह पार्क विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित शोध परियोजना के अन्तर्गत किया गया।

ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी महिलाओं के कौशल विकास, स्वरोजगार एवं उद्यमिता से जोड़ने के उद्देश्य से सुगंधित मोमबत्ती, परफ्यूम तथा अगरबत्ती एवं धूपबत्ती निर्माण विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन 07 से 09 सितम्बर, 2026 को किया जा रहा है। कार्यक्रम में डॉ0 रश्मि, प्रोफेसर एवं परियोजना अन्वेषक ने भलसोना, ब्लॉक सरूरपुर गांव से आयी हुई सभी महिलाओं का स्वागत किया तथा महिलाओं को सुगन्धित तेल व उनसे बनने वाले उत्पादों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। डॉ0रश्मि ने अपने शब्दों में बताया कि आज की नारी शिक्षा व हुनर के दम पर पुरूषों के साथ चलने को तैयार है, वो दिन दूर नहीं जब पुरुषों की सोच उन्हें समानता की ओर देखेगी।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति डॉ0 त्रिवेणी दत्त जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। डॉ0 सुनील कुमार, निदेशक भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान, मोदीपुरम तथा डॉ0 मान्या चतुर्वेदी, जिला ग्राम विकास अधिकारी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

माननीय कुलपति महोदय ने अपने संबोधन में महिला प्रौद्योगिकी पार्क द्वारा महिलाओं के कौशल विकास एवं आर्थिक सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के व्यावहारिक एवं तकनीकी प्रशिक्षण ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा उन्हें स्वरोजगार एवं उद्यमिता के नए अवसर प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। डॉ. सुनील कुमार, निदेशक ने एरोमा आधारित उत्पादों के निर्माण एवं मूल्य संवर्धन की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए महिलाओं को उपलब्ध तकनीकी संसाधनों का लाभ उठाकर अपने उत्पादों को व्यावसायिक स्तर तक ले जाने के लिए प्रेरित किया।

डॉ0 मान्या चतुर्वेदी, जिला ग्राम विकास अधिकारी ने ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण में कौशल आधारित प्रशिक्षण की महत्ता पर जोर दिया तथा महिलाओं को सरकारी योजनाओं एवं स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने की आवश्यकता बताई।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को सुगन्धित मोमबत्ती, परफ्यूम तथा अगरबत्ती एवं धूपबत्ती निर्माण की वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक तकनीकों का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रतिभागियों ने स्वयं विभिन्न उत्पाद तैयार किए तथा कच्चे माल के चयन, सुगन्धित तेलों के उचित मिश्रण, उत्पाद निर्माण, गुणवत्ता नियंत्रण, पैकेजिंग एवं विपणन की जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम में डॉ0 कमल खिलाडी, निदेशक शोध एवं डॉ0 रामजी सिंह, अधिष्ठाता कृषि के द्वारा महिलाओं को परियोजना में जुड़ने व विश्वविद्यालय में चल रहे कौशल विकास कार्यक्रमों में प्रतिभाग करने का आवाहन किया। कार्यक्रम का संचालन वर्णिका त्यागी द्वारा किया गया। अन्त में सभी अतिथियों का धन्यवाद डॉ0 निशा वर्मा द्वारा दिया गया।