
कश्मीर की डल झील में पहली बार नशा विरोधी शिकारा रैली का आयोजन Publish Date : 19/08/2026
कश्मीर की डल झील में पहली बार नशा विरोधी शिकारा रैली का आयोजन
एक अनोखी पहल के तहत, सूचना और जनसम्पर्क विभाग के द्वारा पर्यटन विभाग के सहयोग से, नशामुक्त जम्मु कश्मीर अभियान के अन्तर्गत मशहूर डल झील पर पहली बार एक विशाल नशा-विरोधी शिकारा रैली का आयोजन किया गया। यह पहल जम्मू कश्मीर के उप राज्यपाल के द्वारा आरम्भ किए गए 100 दिवसीय नशा मुक्त जम्मू कश्मीर अभियान का एक हिस्सा थी और श्रीनगर जिला प्रशासन की गतिविधियों के कैलेण्डर के अनुरूप थी।
रैली का उद्देश्य पर्यटकों, शिकारा के मालिकों और जल निकायों के आस-पास निवास करने वाले समुदायों के सहित विभिन्न हितधारकों के बीच नशीली दवाओं के दुरूप्योग और इनके दुष्प्रभावों के सम्बन्ध में जागरूकता फैलाना था। इस पहल का लक्ष्य यह सुनिश्चित् करना था कि एक नशा मुक्त समाज का संदेश सबसे अधिक दूरदराज और जल क्षेत्रों में स्थित बस्तियों तक भी पूरी तरह से पहुँच सके।
इस दौरान दर्जनों रंग-बिरंगे रूप में सजे हुए शिकारे डल झील के पानी में तैरते हुए आगे बढ़े, जिनके ऊपर बैनर्स, तख्तियाँ और नशा मुक्त जीवनशैली का समर्थन करने वाले अनेक संदेश लिखे हुए थे। इस अवसर पर सूचना विभाग, कश्मीर के संयुक्त निदेशक वसीम राजा ने छात्रों, शिकारा के मालिकों और दोनों विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर इस रैली में सक्रिय रूप से भाग लिया।
अधिकारियों ने पर्यटकों और अन्य स्थानीय हितधारकों से बातचीत कर उन्हें नशीली दवाओं के दुष्प्रभावों और शारीरिक, मनोवैज्ञानिक एवं सामाजिक रूप से पड़ने वाले गम्भीर बुरे परिणामों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि समाज के विभिन्न वर्गों के साथ जुड़ने और यह सुनिश्चित करने के लिए कि समाज का कोई भी वर्ग नशा विरोधी इस अभियान से अछूता न रहे, इस प्रकार के अभिनव जन सम्पर्क अभियान बहुत आवश्यक हैं।
शिकारा के मालिक, जो कि कश्मीर के पर्यटन तंत्र में एक अत्यंत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं के द्वारा भी इस अभिनव पहल के प्रति अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त किया और आंतुकों तथा स्थानीय समुदायों के बीच इसके सम्बन्ध में निरंतर जागरूकता फैलाने में भरपूर योगदान करने का संकल्प भी लिया गया।
