कृषि विश्वविद्यालय बनेगा प्लास्टिक मुक्त परिसर      Publish Date : 29/06/2026

कृषि विश्वविद्यालय बनेगा प्लास्टिक मुक्त परिसर

  • कृषि विश्वविद्यालय में कैंटीन से कुलपति कार्यालय तक बनेगा प्लास्टिक मुक्त परिसर।

  • प्लास्टिक मुक्त परिसर एवं ग्रीन कैम्पस की निगरानी के लिए बनेगी टास्क फोर्स

                                                                                   -डॉ॰ त्रिवेणी दत्त, कुलपति

सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय परिसर में सिंगिल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल करना पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। यह व्यवस्था कैंटीन से लेकर सभी विभागों, छात्रावासों, प्रशासनिक भवनों, महाविद्यालयों और कुलपति कार्यालय तक समस्त स्थानों पर लागू कर दी गई है। कृषि विश्वविद्यालय द्वारा ग्रीन कैम्पस अर्थात् हरित परिसर के साथ-साथ प्लास्टिक मुक्त परिसर बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। कुलाधिपति एवं राजपाल के निर्देशों के अनुपालन में कृषि विश्वविद्यालय ने सभी महाविद्यालयों के लिए भी सख्त आदेश जारी कर दिए गए हैं। विश्वविद्यालय को प्लास्टिक मुक्त और ग्रीन कैम्पस बनाने के लिए कुलपति डॉ त्रिवेणी दत्त ने एक पोस्टर जारी करते हुए सख्त कदम उठाने के निर्देश जारी किए थे, जिनका अब अनुपालन किया जा रहा है।

कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ॰ त्रिवेणी दत्त द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार विवि परिसर, प्रशासनिक भवनों, विभागों, छात्रावासों और संबद्ध महाविद्यालयों में सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसमें प्लास्टिक की बोतलें, कप, प्लेट चम्मच और पॉलीथिन बैग आदि समस्त सामग्री शामिल हैं। पर्यावरण संरक्षण और छात्रों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए, अब कैंटीन, हॉस्टल और विश्वविद्यालय के कार्यक्रमों में प्लास्टिक के स्थान पर मिट्टी के कुल्लड़, कागज या पत्ते के बने बर्तन, जूट या कपड़े के थैलो और कांच या स्टोन के बर्तनों के उपयोग को अनिवार्य रूप से बढ़ावा दिया जाएगा।

कृषि विश्वविद्यालय में सफाई और कचरा प्रबंधन की नई व्यवस्था लागू

              

कृषि विश्वविद्यालय परिसर को स्वच्छ और हरा भरा बनाए रखने के लिए बायो डिग्रेडेबल गीला कचरा और नॉन बायोडिग्रेडेबल सूखा कचरा के लिए अलग अलग डस्टबिन की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही, प्लास्टिक कचरे की रिसाइकिलिंग की उचित व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। सप्ताह में प्रत्येक  दिन को सभी भवनों, विभागों और छात्रावास में विशेष सफाई अभियान चलाए जाएगा।

यह नियम केवल कागजों पर ही नहीं, बल्कि धरातल पर सख्ती से पालन करने के लिए विश्वविद्यालय और संस्थान स्तर पर एक प्लास्टिक मुक्त निगरानी समिति अर्थात टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा, जो समय समय पर परिसरों और महाविद्यालयों का औचक निरीक्षण करेगी। नए शैक्षणिक सत्र के प्रारंभ में सभी शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्राओं को प्लास्टिक मुक्त परस्पर की शपथ भी दिलाई जाएगी और परिसर में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा और जगह जगह पर कुलपति द्वारा जारी किए गए पोस्टर को भी लगाया जाएगा। साथ ही बोर्ड व होर्डिंग्स भी लगाए जाएंगे।