
कृषि मौसम सेवाओं से घटेगी खेती की लागत और जोखिम Publish Date : 26/06/2026
"कृषि मौसम सेवाओं से घटेगी खेती की लागत और जोखिम : डॉ. त्रिवेणी दत्त"
-
कृषि मौसम परामर्श सेवाओं पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी), नई दिल्ली एवं सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेरठ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ग्रामीण कृषि मौसम सेवा (GKMS) के अंतर्गत कृषि मौसम परामर्श सेवाओं पर तीन दिवसीय क्षमता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन आज सम्पन्न हुआ।

समापन एवं प्रमाण-पत्र वितरण समारोह की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. त्रिवेणी दत्त ने की। उन्होंने प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित करते हुए कहा कि कृषि मौसम परामर्श सेवाएं किसानों को मौसम आधारित जोखिमों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। यह योजना न केवल कृषि उत्पादन को अधिक सुरक्षित बनाती है, बल्कि खेती की लागत को कम करने तथा संसाधनों के कुशल उपयोग में भी सहायक है। उन्होंने कहा कि बदलते जलवायु परिदृश्य में ऐसी प्रशिक्षण गतिविधियां कृषि एवं मौसम विज्ञान के मध्य समन्वय को और सुदृढ़ बनाती हैं।
विशिष्ट अतिथि एवं भारत मौसम विज्ञान विभाग, नई दिल्ली के एग्रोमेट एडवाइजरी सर्विसेज प्रभाग के प्रमुख डॉ. शेषा कुमार गोरोशी ने विश्वविद्यालय प्रशासन, आयोजकों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय द्वारा प्रशिक्षण के उत्कृष्ट आयोजन ने प्रतिभागियों को समृद्ध अनुभव प्रदान किया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान का लाभ किसानों तक प्रभावी रूप से पहुंचेगा।
कार्यक्रम के संयोजक एवं नोडल अधिकारी, कृषि मौसम सेवा (GKMS), प्रो. यू. पी. शाही, अध्यक्ष, मृदा विज्ञान विभाग ने तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की विस्तृत आख्या प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण में जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश तथा अन्य राज्यों से आए 30 प्रतिभागियों को कृषि मौसम बुलेटिन निर्माण, निर्णय सहायता प्रणाली, प्रभाव आधारित मौसम पूर्वानुमान, फसल-विशिष्ट सलाह एवं कृषि मौसम सेवाओं के विभिन्न व्यावहारिक पहलुओं का प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य किसानों तक सटीक, समयबद्ध एवं स्थान-विशिष्ट मौसम आधारित सलाह पहुंचाने के लिए तकनीकी अधिकारियों एवं वैज्ञानिकों की क्षमता का विकास करना है।

समारोह में भारत मौसम विज्ञान विभाग के वैज्ञानिकों, विश्वविद्यालय के शिक्षकों एवं अधिकारियों ने भी सहभागिता की। कार्यक्रम के अंत में डॉ. विकास सिंह ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, वैज्ञानिकों एवं आयोजन समिति का धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।
