कृषि शिक्षा में फिजिक्स सब्जेक्ट की अनिवार्यता समाप्त, बढ़ेंगे अवसर      Publish Date : 24/10/2025

कृषि शिक्षा में फिजिक्स सब्जेक्ट की अनिवार्यता समाप्त, बढ़ेंगे अवसर

प्रवेशः विषय के समायोजन में समानता से मिलेगी छात्रों को राहत-

कृषि प्रधान देश भारत में 11वीं-12वीं कक्षा में कृषि केवल चार राज्यों राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार में ही वैकल्पिक रूप से पढ़ाया जाता है। ऐसे में कृषि विश्वविद्यालयों में प्रवेश के समय विषय समायोजन की बाध्यता विद्यार्थियों के सपनों पर भारी पड़ती है।

शैक्षणिक सत्र्र वर्ष 2025-26 में प्रवेश के लिए भौतिक विज्ञान विषय को अनिवार्य कर दिया गया था, जबकि इन राज्यों में कृषि के साथ इस विषय को पढ़ाया ही नहीं जाता है। ऐसे में अकेले राजस्थान से ही करीब 10,000 विद्यार्थी प्रवेश की दौड़ से बाहर हो चुके हैं। ऐसे छात्रों के लिए अब राहतभरी खबर आई है कि देशभर के कृषि विश्वविद्यालयों की 20 प्रतिशत सीटें अखिल भारतीय प्रतियोगी परीक्षा (सीयूईटी-आईसीएआर) के माध्यम से भरी जाएंगी।

इसमें बायोलॉजी, केमिस्ट्री, फिजिक्स, मेथ्स अथवा कृषि विज्ञान विषय समूह के अन्तर्गत अध्ययन करने वाले समस्त छात्र एक समान पात्रता के साथ आवेदन करने के पात्र होंगे।

                                                               

सभी के लिए खुले कृषि शिक्षा के द्वारः

इस सम्बन्ध में केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अब देशभर के विद्यार्थियों के लिए कृषि शिक्षा के द्वार एक समान रूप से खुल गए हैं।

उन्होंने कहा कि मैने आईसीएआर के महानिदेशक व उनकी टीम को निर्देशित किया था कि राज्यों के कुलपतियों के साथ संवाद कर विद्यार्थियों की इस पीड़ा का समाधान निकाला जाना चाहिए।

जन-प्रतिनिधियों ने उठाई आवाजः

राजस्थान से डॉ0 किरोड़ी लाल मीणा, हनुमान बेनीवाल, अमरराम, रेवती राम डागा, के समेत कई सांसदों और विधायकों ने केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह एवं भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ0 मांगी लाल जाट को इसके सम्बन्ध में पत्र लिखकर आवाज उठाई थी।

आईसीएआर कोटे की सीटें खुलीः

आईसीएआर कोटे की 1321 सीटों में से 2,700 सीटें अब कृषि विषय वाले विद्यार्थियों के लिए खुल गई हैं। देश के 50 कृषि विश्वविद्यालयों में से 42 ने एग्रीकल्चर, बायोलॉजी, केमिस्ट्री, एग्रीकल्चर संयोजन को मान्यता प्रदान कर दी है, जबकि शेष 5 ने भी आगामी यत्र से इस बदलाव के लिए आश्वासन दे दिया है।