
गन्ने की नई और एक शानदार किस्म है सीओ-12221 या (करण-12) Publish Date : 08/04/2026
गन्ने की नई और एक शानदार किस्म है सीओ-12221 या (करण-12)
प्रोफेसर आर. एस. सेंगर एवं डॉ0 रेशु चौधरी
किसान भाइयों, आज की अपनी इस पोस्ट के माध्यम से हम बात करेंगे गन्ने की एक ऐसी किस्म के बारे में जो आज के समय में 0238 (सीओ-0238) का एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरी है। इस किस्म का नाम है सीओ-12221, जिसे कृषि विश्वविद्यालय, पंतनगर के द्वारा विकसित किया गया है।
सीओ-12221 की प्रमुख विशेषताएं-

गन्ने की इस किस्म को मुख्य रूप से उत्तर-पश्चिम भारत (हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी यूपी) आदि क्षेत्रों के लिए तैयार किया गया है। इस किस्म की सबसे बड़ी विशेषता इसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता और शानदार वजन है।
प्रमुख विशेषताएं:
1. अगेती किस्मः यह एक जल्दी पकने वाली किस्म है। इसकी चीनी की मात्रा लगभग 18-19 प्रतिशत तक उपलब्ध रहती है, जिससे मिलों में भी इसकी मांग काफी अधिक बनी रहती है।
2. मजबूत और ठोस गन्नाः इस किस्म का गन्ना अंदर से ठोस होता है और मध्यम से अधिक मोटा होता है। ठोस होने के कारण इसका प्रति गन्ना वजन बहुत अच्छा निकलता है।
3. बीमारियों से सुरक्षाः पिछले कुछ समय में 0238 किस्म में ‘लाल सड़न’(Red Rot) नामक बीमारी की समस्या काफी हद तक बढ़ी है, लेकिन सीओ-12221 इस बीमारी के प्रति काफी हद तक प्रतिरोधी है। साथ ही, इसमें कीटों का हमला भी कम देखा गया है।
4. गिरने की समस्या कमः इस किस्म के गन्ने का तना काफी मजबूत होता है, जिससे तेज हवाओं में फसल के गिरने का खतरा भी कम रहता है।
5. उत्तम पैदावारः गन्ने की इस किस्म की खेती अगर वैज्ञानिक तरीके से की जाए, तो यह किस्म 850 से 950 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक की पैदावार देने की क्षमता रखती है।
बुवाई और खाद प्रबंधनः
बुवाई का उचित समयः गन्ने की इस नई किस्म को शरद कालीन और बसंत कालीन दोनों मौसमों में बोया जा सकता है।
बेसल डोजः बुवाई के समय संतुलित मात्रा में DAP, पोटाश और जिंक का प्रयोग करें चाहिए। इसके साथ ही अपने खेत की मिट्टी की जांच के आधार पर ही खाद एवं उर्वरक का प्रयोग करना उचित: रहता है।
सिंचाईः गन्ने की इस किस्म को मध्यम सिंचाई की आवश्यकता होती है, लेकिन गन्ने की मोटाई के समय नमी का उचित स्तर बनाए रखना भी उतना ही जरूरी होता है।
अतः हमारा समस्त किसान भाईयों से अनुरोध है कि वह अपने खेतों में गन्ने की किस्म सीओ-12221 को अवश्य ही लगाएं और इसका पूरा लाभ प्राप्त कर अपनी आय में अपेक्षित वृद्वि प्राप्त करें, धन्यवाद।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
