
कृषि वैज्ञानिकों के द्वारा गन्ने की नई किस्म सीओएच-191 का विकास किया गया Publish Date : 03/04/2026
कृषि वैज्ञानिकों के द्वारा गन्ने की नई किस्म सीओएच-191 का विकास किया गया
प्रोफेसर आर. एस. सेंगर एवं डॉ0 रेशु चौधरी
हाल ही में चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कृषि वैज्ञानिकों के द्वारा गन्ने की एक नई वैरायटी ‘सीओएच-191’ का विकास विकास किया गया है। गन्ने की इस नई किस्म के माध्यम से किसान एक एकड़ क्षेत्र से गन्ने की 700 क्विंटल तक उपज प्राप्त कर सकते हैं। लाड़वा अनाज मंड़ी में आयोजित किए गए कृषि विकास मेले में इस किस्म को प्रदर्शित किया गया था।
हिसार कृषि विश्वविद्यालय के सहायक वैज्ञानिक डॉ0 सुधीर शर्मा ने क्षेत्रीय निदेशक डॉ0 मेहरचन्द की देखरेख एवं कुलपति डॉ0 बलदेव राज काम्बोज के मार्गदर्शन गन्ने की इस वैरायटी का विकास किया गया है। वैज्ञानिक ने बताया कि ‘सीओएच-191’ किस्म की औसत उपज 550 से 600 क्विंटल प्रति एकड़ तक है, जबकि फसल का उचित प्रबन्धन और सही देखभाल के द्वारा 700 क्विंटल तक का उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है।

इस प्रजाति की एक विशेषता यह है कि अच्छे प्रकार बुवाई करने के पश्चात् तेज बरसात और तेज हवाओं से फसल के गिरने की समस्या नहीं होगी। इसके साथ ही इस किस्म से बनाई जाने वाली चीनी के परते में में भी एक से दो प्रतिशत अधिक होगा।

इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के द्वारा भी कृषि विकास मेले में इस नई किस्म की जानकारी प्राप्त कर इस प्रजाति का विकास करने वाले वैज्ञानिकों के प्रयासों की सराहना की। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, गन्ने की यह नई किस्म प्रदेश में प्रचलित 0238 से अधिक लाभकारी सिद्व हो सकेगी।
इस अवसर पर कृषि एवं कल्याण विभाग के उप-निदेशक डॉ0 कर्मचन्द एवं सहायक कृषि अभियंता राजेश वर्मा के अलावा अन्य लोग भी उपस्थित रहे।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
