
गन्ना किस्म Co.Sha. 18231 Publish Date : 27/03/2026
गन्ना किस्म Co.Sha. 18231
प्रोफेसर आर. एस. सेंगर एवं अन्य
गन्ना किसानों के लिए एक नई उम्मीद की किरण बनकर आई है किस्म Co.Sha. (को.शा.) 18231। इसे उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद, शाहजहाँपुर द्वारा विकसित किया गया है।
कब आई यह किस्म?
इस किस्म को मुख्य रूप से वर्ष 2022 के अंत में राज्य किस्म स्वीकृति समिति द्वारा व्यावसायिक खेती के लिए अनुमोदित किया गया था। 2023 से इसे किसानों के लिए बड़े पैमाने पर उपलब्ध कराया गया है, ताकि पुरानी किस्मों (जैसे Co 0238) में लग रही बीमारियों का समाधान निकाला जा सके।
1. शानदार पैदावार और वजन

इस किस्म की सबसे बड़ी खूबी इसकी मोटाई और ठोसपन है। इसकी पोरियाँ लंबी होती हैं, जिससे गन्ने की ऊँचाई अच्छी निकलती है। औसतन यह किस्म 900 से 1000 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक की पैदावार देने की क्षमता रखती है।
2. बीमारियों से लोहा लेने की शक्ति
आजकल 'लाल सड़न' (Red Rot) की बीमारी गन्ना किसानों के लिए सिरदर्द बनी हुई है।
* Co.Sha. 18231 इस बीमारी के प्रति अत्यधिक प्रतिरोधी है।
* इसमें अन्य कीटों का हमला भी कम देखा गया है, जिससे कीटनाशकों पर होने वाला खर्च कम हो जाता है।
3. चीनी मिलों की पहली पसंद
यह एक अगेती किस्म है, जो जल्दी पककर तैयार हो जाती है। इसमें चीनी की मात्रा लगभग 11.89% है, जो इसे किसानों और मिलों दोनों के लिए मुनाफे का सौदा बनाती है।
4. देखने में पहचान

* पत्तियाँ: चौड़ी और गहरे हरे रंग की।
* गन्ना: हल्का पीलापन लिए हुए सफेद रंग का और काफी वजनदार।
* आंखें: इसकी आंखें हल्की नुकीली होती हैं, जो इसकी शुद्धता की पहचान हैं।
यदि आप एक ऐसी किस्म चाहते हैं जो वजन में भारी हो और जिसमें बीमारियां न लगें, तो 18231 आपके खेत के लिए एक बेहतरीन चुनाव है।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
