
गन्ने की प्रजाति कोलख-14201 की अच्छी उपज प्राप्त करने के महत्वपूर्ण टिप्स Publish Date : 24/02/2026
गन्ने की प्रजाति कोलख-14201 की अच्छी उपज प्राप्त करने के महत्वपूर्ण टिप्स
प्रोफेसर आर. एस. सेंगर एवं अन्य
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कोलख-14201 गन्ने से अधिक लम्बाई, मोटाई और उत्पादन प्राप्त करने के टिप्स: 07 'T':
01- इस प्रजाति के गन्ने की बुआई 15 सितम्बर से 30 अक्टूबर तक एवं बसंतकाल में 15 फरवरी से 15 मार्च तक करना चाहिए, क्योंकि इसकी बढ़वार और तैयार होने के लिए इसे कम से कम 12 माह का समय मिलना चाहिए। गन्ना बीज को कार्बेण्डाजिम से उपचारित करके बुआई करना चाहिए।
02- इस प्रजाति के गन्ने की बुआई करने के लिए गन्ने की दो लाइन के बीच की दूरी कम से कम 03 से 04 फिट रखना चाहिए। कूड/नाली की गहराई कम से कम 10 इंच होना चाहिए और पॉटा नहीं लगाना चाहिए। ध्यान रहे यदि बताये गए समय पर बुआई करते हैं तो सिंगल लाइन मे बुआई करना लाभदायक रहेगा क्योंकि इस गन्ने में किल्लों का फुटाव अधिक होता है।

03- खेत की तैयारी के लिए गहरी जुताई अवश्यक है और अंतिम जुताई के समय 05 kg प्रति एकड़ की दर से ट्राइकोडर्मा डालना चाहिए जिससे इसमें जड़ों का विगलन, विल्ट और रस्ट जैसै फंगस से फैलने वाले रोग न लगे और मृदा का स्वास्थ्य भी ठीक रहे। तभी गन्ना साल भर हरा-भरा बना रहेगा।
04- बुआई के समय बेसल डोज डोज में नाली में 50kg यूरिया, 50kg.डीएपी और 50 से 60 kg. म्यूरेट ऑफ पोटाश का प्रयोग करना चाहिए। इसके अतिरिक्त 50 kg से 100kg तक नीम की खली या सरसों की खली का प्रयोग करना चाहिए।
05- टिलरिंग शुरू होने पर या 15 अप्रैल से 15 जून के बीच में 15 दिन के अंतराल पर हर सिंचाई करने पर 25 kg. यूरिया का प्रयोग इसकी लम्बाई को बढ़ाने के लिए अति आवश्यक है। 01 जून से 20 जून के बीच में एक-एक फोलियर स्प्रे 0:52:34 ,02kg प्रति एकड़ एवं 0:0:050 ,02kg. प्रति एकड़ करने से इसकी मोटाई, लम्बाई और पैदावार बढ़ जाती है।

06- इस गन्ने में टॉप बोरर का प्रकोप न हो, इसके लिए एकीकृत कीट प्रबंधन करना चाहिए। इसके लिए मार्च-अप्रैल में प्रभावित पौधों को नुकीली खुर्पी से जमीन के नीचे से निकालकर चारे में प्रयोग कर लेना चाहिए। लाइट ट्रैप और फेरोमनट्रैप का प्रयोग करना चाहिए। टिलरिंग शुरु होने पर 25 kg यूरिया के साथ 10kg. फरटेरा नमी होने की दशा पर डलना चाहिए, फिर दुबारा 10 दिन बाद पानी चलाना चाहिए। फिर मई के अंतिम सप्ताह एवं जून के प्रथम सप्ताह तक 150 ml./एकड़ की दर से कोराजन की ड्रेंचिंग करना चाहिए।
07- इस प्रजाति के गन्ने में किल्ले आने पर 50kg यूरिया और 10kg. जिंक सल्फेट डालकर लगभग 10 इंच ऊॅची मिट्टी चढ़ानी चाहिए, जिससे सिंगल बंधाई करने पर गन्ना गिरे नहीं, जैसा कि आप प्लॉट में देख सकते हैं। गन्ने में प्रकाश अधिक चाहिए। जब गन्ना गिरेगा नहीं तो इसे चारो तरफ से प्रकाश मिलेगा।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
