
लक्सर जिले में जैविक खेती की ओर बढ़ता किसानों का रूझान Publish Date : 18/07/2026
लक्सर जिले में जैविक खेती की ओर बढ़ता किसानों का रूझान
जिला लक्सर में किसानों का रूझान जैविक खेती की ओर निरंतर बढ़ रहा है और इसके चलते जैविक खेती का रकबा भी लगातार बढ़ रहा है। केन्द्र सरकार ने अपने पिछले बजट में गंगानदी के पाँच किलोमीटर के दायरे में जैविक खेती को बढ़ावा देने का प्रावधान किया था। इस योजना के तहत जनपद के 79 गांवों में किसानों के 500 समूह जोड़े गए थे। किसानों के यह समूह आज भी जैविक खेती ही कर रहे हैं। हालांकि, जनपद के किसानों के द्वारा 3,500 हेक्टेयर भूमि पर जैविक खेती की जा रही है, जबकि पहले जैविक खेती जनपद में नहीं के बराबर ही थी।
लक्सर जिले मं छोटे-बड़े किसानों को मिलाकर कुल डेढ़ लाख किसान है। यह किसान फसल की बुवाई से लेकर उसके कटने तक अपने खेतों में रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों का ही प्रयोग करते हैं। इससे जहाँ मृदा की सेहत लगातार बिगड़ रही है, वहीं भूजल भी निरंतर प्रदूषित हो रहा है। इस स्थिति को देखते हुए केन्द्र सरकार ने गोमुख से लेकर गंगासागर तक गंगानदी के पाँच किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों के किसानों को जैविक खेती करने के लिए प्रोत्साहित करने का प्रावधान वर्ष 2021 के आम बजट में पेश किया था।
अभियान के प्रथम चारण में कृषि विभाग के द्वारा जनपद में गंगानदी के किनारे बसे 79 गांवों को इस योजना में शामिल किया था। इन सभी 79 गांवों के किसानों के पाँच सौ समूह बनाकर उन्हें जैविक खेती करने के लिए प्रेरित किया गया था। परिणाम स्वरूप अब जैविक खेती का रकबा भी लगातार बढ़ता जा रहा है। कृषि विभाग की माने तो किसानों के द्वारा अब जैविक खेती को महत्व दिया जा रहा है। और इसी के चलते आज किसान 3,500 हेक्टेयर भूमि पर जैविक खेती कर रहे हैं।

कृषि विभाग के यूनिट प्रभारी शेरपाल ने बताया कि किसानों को जैविक खेती का प्रशिक्षण देने के बाद आवश्यकता होने पर उन्हें उर्वरक के रूप में वर्मी कम्पोस्ट, नीम की खली और अन्य जैविक कीटनाशक भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
