
किसान गन्ने के साथ करें मूँग और उड़द की सहफसली खेती Publish Date : 04/06/2026
किसान गन्ने के साथ करें मूँग और उड़द की सहफसली खेती
- कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही
सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में आज प्रदेश के किसानों को फसलों का अच्छा उत्पादन प्राप्त करने के लिए कृषि की नवीनतम तकनीकों का समावेश कर गन्ने के उत्पादन को बढ़ाना होगा। इसके लिए किसान गन्ने की खेती के साथ सह फसली खेती के रूप में गेहूं, सरसों, मूँग और उड़द के जैसी खेती कर सकते हैं, जिससे किसानों का उत्पादन बढ़ेगा और उनकी आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ हो सकेगी। उन्होंने बताया कि वह सरकार द्वारा सह-फसली खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को फसलों के बीज की मिनीकिट प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने कहा, कृषकों को हितों को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर केंद्र सरकार एवं प्रदेश सरकार द्वारा कई कार्यक्रम चलाए गए हैं, जिनका सीधा लाभ किसानों को मिल रहा है।

इस दौरान उन्होंने बताया कि मल्टी क्रॉप प्रोडक्शन के माध्यम से खद्य सुरक्षा को अधिक मजबूत कर उसे बढ़ाया भी जा सकता है। उन्होंने कहा, अमृत महोत्सव में हमने आत्मनिर्भर तथा विकसित राष्ट्र बनाना है। हमें दलहन और तिलहन की खेती को भी बढ़ावा देना होगा। उन्होंने कहा कि गन्ने के साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मूँगफली की सहफसली आरम्भ की जा चुकी है, जिससे किसानों के लाभ में भी बढ़ोत्तरी होगी।
उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में 1 जून से 30 जून तक खेत बचाओ अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के अन्तर्गत वैज्ञानिकों एवं कृषि अधिकारियों के द्वारा किसानों के खेतों पर जाकर खेत बचाओ अभियान और उसके उपायों के बारे में बताया जाएगा। उन्होंने विगत वर्षों में कृषि विश्वविद्यालय में प्रारम्भ की गई विधि परियोजनाओं और योजनाओं के बारे में भी विस्तार से चर्चा की।

इस दौरान कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि विशेष अभियान चलाकर महिलाओं के सशक्तिकरण पर कार्य किया जा रहा है, जिसका लाभ पश्चिमी उत्तर प्रदेश की महिला कृषकों के अलावा प्रदेश के अन्य लोगों को भी प्राप्त हो रहा है।
