
कम होता गन्ने का रकबा, समय से पहले बन्द हो रही है चीनी मिलें Publish Date : 04/06/2026
कम होता गन्ने का रकबा, समय से पहले बन्द हो रही है चीनी मिलें
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160 तक चीनी मिलों का लक्ष्य, जिससे हर बार चूक रही हैं चीनी मिलें
प्रदेश में चीनी मिलों के पेराई की अवधि निरंतर कम होती जा रही है, जबकि गन्ना विभाग प्रदेश की चीनी मिलों को 160 दिन संचालित करना चाहता है। चीनी मिलों के पेराई सत्र में आई कमी के लिए गन्ने का कम होता रकबा है।
पिछले तीन वर्षों के पेराई सत्र के आंकड़ों पर गौर करें तो केवल पेराई सत्र सत्र 2023-24 में मिलें करीब 148 दिन तक चल पाई थी। इसके अतिरिक्त चीनी मिलों के पेराई की अवधि निरंतर कम होती जा रही है।

प्रदेश के चन्दौसी जिले के असमौली, रजपुरा और मझावली में तीन चीनी मिलें संचालित की जा रही है। पेराई सत्र 2025-26 में असमोली चीनी मिल 133 दिन तक ही संचालित हो पाई और 113.73 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की गई, रजपुरा चीनी मिल ने 126 चलने की अवधि के दौरान 96.68 लाख टन और मझावली चीनी मिल ने 121 दिन में 28.74 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की है। यदि इस जिले में गन्ने के क्षेत्र के बारे में बात की जाए तो असमोली चीनी मिल के पास करीब 10,787 हेक्टेयर, रजपुरा चीनी मिल के पास 20,426 हेक्टेयर और रजपुरा चीनी मिल के पास 7,261 हेक्टेयर गन्ने का क्षेत्र हुआ करता था।
पेराई सत्र 2024-25 में असमोली चीनी मिल की शुरूआत 13,735 हेक्टेयर क्षेत्र के साथ 132 दिन संचालित हुई थी। मिल ने 132 दिनों में 129.96 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की थी। रजपुरा चीन मिल ने 17,834 हेक्टेयर गन्ने के क्षेत्र के साथ 127 दिनों में 99.89 लाख क्विंटल गन्ने और मझावली चीनी मिल ने 6,746 हेक्टेयर क्षेत्र के साथ 126 दिन में 28.99 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की थी।
वहीं पेराई सत्र 2023-24 में चीनी मिल बीते दो सत्रों के सापेक्ष 10 दिन अतिरिक्त संचालित की गई थी। असमोली चीनी मिल ने 148 दिन में 149 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की थी, जबकि रजपुरा चीनीमिल ने 137 दिन में 107.34 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की थी। असमोली चीनी मिल के पास 15,840 हेक्टेयर, रजपुरा चीनी मिल के पास 24,050 हेक्टेयर तथा मझावली चीनी मिल के पास 1,719 हेक्टेयर गन्ने का क्षेत्र उपलब्ध था।
