लालपुर में किसान गोष्ठी का आयोजन      Publish Date : 01/06/2026

लालपुर में किसान गोष्ठी का आयोजन

अवध शुगर एंड एनर्जी लिमिटेड हरगांव की ओर से लहरपुर क्षेत्र के लालपुर बाजार में आयोजित की गई किसान गोष्ठी में किसानों को गन्ने की उन्नत खेती और उचित गन्ना प्रजाति का चयन करने के सम्बन्ध में जागरूक किया गया। ललपुर किसान गोष्ठी में किसानों को अस्वीकृत गन्ने की प्रजातियों से बचने की सलाह दी गई।

इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए और विशेषज्ञों के द्वारा गन्ने का उत्पादन बढ़ाने के वैज्ञानिक उपाय बताए गए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उप गन्ना आयुक्त आर. डी. द्विवेदी ने किसानों को सम्बोधित करते हुए कहा कि 8436 ललिया, 05191, 9709, नकली को. एच. 0119, को.शा. 98014, को. एच. 0161 और 5011 के जैसी अस्वीकृत गन्ना किस्मों का प्रयोग न करें। उन्होंने बताया कि यह किस्में कम उत्पादन देती हैं और रोगों के प्रति भी अधिक संवेदनशील होती हैं, जिससे भविष्य में गन्ने की आपूर्ति एवं आय दोनों ही प्रभावित हो सकती हैं।.

                       

उन्होंने किसानों को को. 15023, को. 0118 और सी.ओ.एल.के- 1402 के जैसी स्वीकृत किस्मों की बुवाई करने की सलाह दी, जिससे बेहतर पैदावार और अधिक लाभ प्राप्त होने की सम्भावना बनती है। ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक सुनील कुमार कनौजिया ने जुताई, सिंचाई, गुड़ाई और कीट एवं रोग नियंत्रण की वैज्ञानिक विधियों की विस्तार से जानकारी प्रदान की। उन्होंने किसानों को समय पर खेत प्रबन्धन और प्रमाणित बीज का उपयोग करने पर विशेष रूप से जोर दिया। सहकारी समिति के सचिव शरद सिंह ने किसानों से बीज को सुरक्षित रखने और आवश्यकता होने पर मिल कर्मचारियों से सम्पर्क कर बीज को प्राप्त करने की अपील की। इसके साथ ही उन्होंने सह-फसली खेती को अपनाने की भी सलाह किसानों की दी, जिससे कि उन्हें एक अतिरिक्त आय प्राप्त हो सकें।

उक्त कार्यक्रम की अध्यक्षता दिनेश मिश्रा के द्वारा की गई, जबकि इसका संचालन मनोज कुमार निर्वाल ने किया। इस अवसर पर स्थानीय किसान नेताओं और सैंकड़ों किसानों ने सक्रिय रूप से भाग लेकर विशेषज्ञों से सीधा संवाद किया। इस गोष्ठी का मुख्य संदेश स्पष्ट रहा- सही गन्ना प्रजाति, वैज्ञानिक खेती पद्वति बेहतर आय की कूंजी है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसान उन्नत किस्में अपनाएं तो क्षेत्र में गन्ना उत्पादन और लाभ दोनों में ही उल्लेखनीय वृद्वि होने की सम्भावना है।