
त्कनीक और नीति के समन्वय से बढ़ाई जाए किसान की आय Publish Date : 18/04/2026
त्कनीक और नीति के समन्वय से बढ़ाई जाए किसान की आय
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि तकनीक, परम्परा एवं नीति के समन्वय के माध्यम से किसानों की आय को बढ़ाने के प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अब वह समय आ गया है कि प्रदेश की कृषि को प्रोडक्शन से- प्रोडक्टिविटि से प्रोफिटकबिलिटी और अन्ततः प्रॉफिटेबिलिटी से प्रॉस्पेरिटी तक ले जाया जाना अति आवश्यक है। आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना भी तभी साकार रूप ग्रहण कर सकेगी, जब हमारा किसान समृद्व होगा। इसके सम्बन्ध में केवल उत्पादन को बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि उसे लाभप्रद और एक टिकाऊ रूप प्रदान करना भी उतना ही आवश्यक होगा।
मुख्यमंत्री गत दिनों लखनऊ में आयोजित की गई छठीं उत्तर प्रदेश कृषि विज्ञान काँग्रेस-2026 का शुभारम्भ करने के उपरान्त कृषि वैज्ञानिकों एवं अधिकारियों को सम्बोधित करते समय यह बात कही।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में चल रहे वैश्विक हालातों के माध्यम से यह स्पष्ट हो चुका है कि कृषि एवं खाद्य सुरक्षा के मामलों में आत्मनिर्भरता को प्राप्त करना आज के समय की एक महत्वपूर्ण माँग है। अन्तर्राष्ट्रीय आपूर्ति श्रंखलाओं में व्यवधान, पैट्रोलियम उत्पदों की अनिश्चित् उपलब्धता और उर्वरकों की कीमतो में निरंतर जारी उतार-चढ़ाव के जैसी परिस्थितियाँ यह संकेत दे रही है कि बाहरी निर्भरता किसी भी देश के लिए एक जोखिमपूर्ण स्थिति हो सकती है।
तकनीक के माध्यम से कायाकल्प

इस मौके पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर विशेष बल देते हुए कहा कि इंटरनेट ऑफ थिंग्स, ऑर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, ड्रोन एवं सेटेलाइट आदि तकनीकें कृषि को एक नई दिशा प्रदान करने में सक्षम हैं। सेंसर आधारित तकनीक के माध्यम से मृदा की नमी और पोषण आदि का डाटा प्राप्त कर किसान अधिक सटीक निर्णय ले सकते हैं।
वहीं एआई की सहायता से फसलों का रियल-टाइम विश्लेषण, रोगों की पहचान और उत्पादन का सटीक पूर्वानुमान लगा पाना सम्भव है। जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से पार पाने के लिए बायोटैक्नोलॉजी का उपयोग करना भी बहुत आवश्यक है।
इस अवसर पर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, उत्तर प्रदेश गौसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता, प्रमुख सचिव (कृषि) रविन्द्र कुमार, उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद के अध्यक्ष कैप्टन (सेवानिवृत्त) विकास गुप्ता, इन्फ्रोसैट हैदराबाद के महानिदेशक प्रोफेसर हिमांशु पाठक, गन्ना अनुसंधान के निदेशक डॉ0 दिनेश सिंह आदि भी उपस्थित रहे।
सीएम के द्वारा जेम पोर्टल की सराहना
इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा जेम पोर्टल पर उत्तर प्रदेश के द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए किए गए क्रय एवं 26 नवंबर 2024 को जारी की गई जेम क्रय नीति की भी समीक्षा की गई।
इस सम्बन्ध में मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार ने उत्तर प्रदेश की की सराहना की है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि केन्द्र सरकार के द्वारा इस नीति को आदर्श नीति घोषित करते हुए अन्य प्रदेशों को भी इसी प्रकार की व्यवस्था को अपने यहाँ लागू करने के लिए कहा गया है। इस नीति के माध्यम से शासकीय क्रय प्रणाली में शुचिता और समावेशिता में भारी वृद्वि हुई है, जिससे प्रदेश सरकार को इसके लाभ भी निरंतर प्राप्त हो रहे हैं।
