गन्ना शोध परिषद की को.शा. 17231 प्रजाति को अब दूसरे प्रदेशों में भी उगाया जाएगा      Publish Date : 25/02/2026

गन्ना शोध परिषद की को.शा. 17231 प्रजाति को अब दूसरे प्रदेशों में भी उगाया जाएगा

वर्ष 2022 में गन्ना शोध संस्थान के द्वारा विकसित की गई थी यह प्रजाति

गन्ने की फसल के अन्तर्गत गन्ना शोध परिषद के द्वारा विकसित की गई गन्ने की किस्म को.शा. 17231 को अब उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त हरियाणा, पंजाब, उत्तराखण्ड़ एवं राजस्था के किसानों को भी उगाने के लिए संस्तुति प्रदान कर दी गई है।

संस्थान के द्वारा इस किस्म का उपनाम बिमिस्मल, काकोरी काँड़ के नायक और अमर शहीद पं0 राम प्रसाद बिस्मिल के सम्मान में रखा गया है। संस्थान के निदेशक वी. के. शुक्ल ने बताया कि अभी तक इस किस्म को केवल उत्तर पद्रेश में खेती के लिए ही स्वीकृति प्राप्त थी, परन्तु केन्द्रीय स्वीकृति के आधार पर इसे अन्य प्रदेशों में भी उगाया जा सकेगा।

                               

इस किस्म के ब्रीडर डॉ0 अरविंद कुमार ने बताया कि यह किस्म लाल सड़न रोग के प्रति प्रतिरोधी किस्म है। इस किस्म की औसत उत्पादन क्षमता 86.35 टन प्रति हेक्टेयर और चीनी का परता (पोलः इन केन) 13.97 प्रतिशत तक पाई गई है। वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ0 अजय तिवारी ने बताया कि यह किस्म किसानों की आय को बढ़ाने में सहायक सिद्व होगी।

प्रसार अधिकारी डॉ0 संजीव पाठक के द्वारा संस्थान की इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए संस्थान के निदेशक एवं पूरी टीम के लिए अपनी बधाई प्रेषित की हैं।