
लेमन ग्रास की खेती वैज्ञानिक विधि से Publish Date : 06/10/2026
लेमन ग्रास की खेती वैज्ञानिक विधि से
प्रो0 आर. एस. सेंगर एवं डॉ0 रेशु चौधरी
लेमन ग्रास की खेती वैज्ञानिक विधि से करने पर किसानों को मिल सकता है अधिक लाभ और लेमन ग्रास के तेल की बढ़ती मांग बन सकती है किसान की कमाई का एक उत्तम माध्यम।
लेमन ग्रास की खेती देश के किसानों के लिए पारंपरिक फसलों के हटकर उनकी कमाई का एक नया विकल्प बन सकती है। लेमन ग्रास अपनी नींबू जैसी खुशबू और स्वाद के लिए जाना जाता है। इसकी पत्तियों से निकलने वाले सुगंधित तेल की व्यावसायिक मांग हमेशा ही बनी रहती है, जिससे किसानों को अतिरिक्त आमदनी का अवसर मिल सकता है। ऐसे में हमारे कृषि विशेषज्ञ प्रो0 राकेश सिंह सेंगर के अनुसार, जिले के कुछ क्षेत्रों में लेमन ग्रास की खेती की संभावनाएं देखी जा रही हैं। खासकर वातावरण और यहां उपलब्ध कृषि क्षेत्र इस फसल के लिए उपयोगी हो सकते हैं। इसके अलावा गणेशपुर और जिले के अन्य हिस्सों में भी किसान इसकी खेती की संभावनाओं को देखते हुए इस खेती को अपना सकते हैं।
क्या है लेमन ग्रास?

लेमन ग्रास एक सुगंधित पौधा है, जिसकी पत्तियों से नींबू जैसी खुशबू आती है। इसे एरोमेटिक और औषधीय पौधों की श्रेणी में रखा जाता है। इसकी पत्तियों का उपयोग हर्बल चाय और अन्य पेय बनाने में किया जाता है, जबकि पौधे से प्राप्त तेल का उपयोग कई व्यावसायिक उत्पादों में किया जाता है। लेमन ग्रास की खेती का एक प्रमुख आकर्षण इसका सुगंधित तेल है। खेती के साथ यदि किसानों को तेल निकालने और बेचने की उचित व्यवस्था मिल जाए, तो इसकी फसल की व्यावसायिक उपयोगिता और अधिक बढ़ सकती है।
लेमन ग्रास की खेती किसानों के लिए क्यों है खास?
पारंपरिक फसलों के अलावा किसान ऐसी फसलें भी तलाश रहे हैं, जिनसे अतिरिक्त आय की संभावना बन सके। इसी वजह से लेमन ग्रास की खेती एक वैकल्पिक फसल के रूप में किसानों का ध्यान आकर्षित कर सकती है। इस फसल की पत्तियों से तेल प्राप्त किया जाता है और तेल की मांग विभिन्न क्षेत्रों में होती है। हालांकि खेती शुरू करने से पहले किसानों को अपने क्षेत्र की जलवायु, मिट्टी, पानी की उपलब्धता और बाजार की स्थिति की जानकारी जरूर कर लेनी चाहिए।
लेमन ग्रास की पत्तियों से बनाई जा सकती है चाय
लेमन ग्रास की पत्तियों में नींबू के जैसी खुशबू और स्वाद होता है। इसकी वजह से इसका इस्तेमाल हर्बल चाय और पेय पदार्थों में किया जाता है। लेमन ग्रास की चाय को पाचन क्रिया के लिए उपयोगी माना जाता है और इसे सामान्य तौर पर ताजगी देने वाले पेय के रूप में लिया जाता है। लेमन ग्रास की खेती करने वाले किसानों के लिए पत्तियों का यह उपयोग भी बाजार की संभावनाओं को बढ़ा सकता है।
सेहत के लिए भी माना जाता है उपयोगी
हमारे कृषि विशेषज्ञ राकेश सिंह सेंगर के अनुसार, लेमन ग्रास में एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन-C जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसका सेवन शरीर को आराम देने और सामान्य स्वास्थ्य के लिए उपयोगी माना जाता है। लेमन ग्रास की चाय को वजन प्रबंधन और शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने यानी शरीर के डिटॉक्सिफिकेशन से भी जोड़कर देखा जाता है। हालांकि, किसी बीमारी के इलाज के लिए इसका सेवन चिकित्सकीय सलाह का विकल्प नहीं है।
घरेलू उपयोग में भी आती है लेमन ग्रास
लेमन ग्रास की पत्तियों का इस्तेमाल घरेलू स्तर पर भी किया जाता है। सर्दी-खांसी के दौरान कुछ लोग इसकी पत्तियों को अदरक और शहद के साथ उबालकर पेय के रूप में लेते हैं। यह इसका पारंपरिक घरेलू उपयोग है। किसी बीमारी या गंभीर स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
लेमन ग्रास की खेती से तेल उत्पादन का अवसर
लेमन ग्रास का सबसे महत्वपूर्ण व्यावसायिक उपयोग इससे प्राप्त होने वाला सुगंधित तेल है। इसकी पत्तियों से तेल निकालकर विभिन्न उत्पादों में इस्तेमाल किया जाता है। यही वजह है कि लेमन ग्रास की खेती किसानों के लिए केवल पत्तियों के उत्पादन तक सीमित नहीं रहती, बल्कि तेल के जरिए मूल्यवर्धन का अवसर भी प्रदान करती है। किसान यदि खेती के साथ तेल निकालने की सुविधा या स्थानीय खरीदारों से जुड़ सकें, तो इस फसल की व्यावसायिक संभावनाओं का बेहतर उपयोग किया जा सकता है।
जिले में लेमन ग्रास की खेती की व्यापक संभावनाएं
जिले में लेमन ग्रास की खेती को लेकर कृषि विशेषज्ञों ने बेहतर संभावनाएं जताई हैं। क्षेत्र विशेष का वातावरण और वहां उपलब्ध कृषि भूमि इस फसल के लिए उपयोगी हो सकती है। जिले के अन्य क्षेत्रों में भी किसान इस फसल को लेकर जानकारी जुटा सकते हैं। खेती का निर्णय लेने से पहले स्थानीय कृषि विशेषज्ञ से मिट्टी, पानी और जलवायु के संबंध में सलाह लेना बेहतर रहेगा।
खेती शुरू करने से पहले बाजार की जानकारी लेना भी जरूरी
लेमन ग्रास की खेती शुरू करने से पहले किसान को केवल उत्पादन की योजना नहीं बनानी चाहिए, बल्कि बाजार की जानकारी भी जुटानी चाहिए। खासकर लेमन ग्रास तेल खरीदने वाले व्यापारी, प्रसंस्करण इकाइयों और स्थानीय बाजार की उपलब्धता का पता लगाना भी बहुत जरूरी है। यदि उत्पादन के साथ प्रसंस्करण और बिक्री की उचित व्यवस्था हो, तो किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त करने का अवसर मिल सकता है।
बढ़ती तेल मांग से बन सकता है कमाई का जरिया
लेमन ग्रास से प्राप्त तेल इसका प्रमुख व्यावसायिक उत्पाद है। सुगंधित तेल की मांग इसे किसानों के लिए संभावित आय वाली फसल बनाती है। जिले में लेमन ग्रास की खेती को बढ़ावा मिलने से किसानों के सामने पारंपरिक फसलों के अलावा एक नया विकल्प विकसित हो सकता है। हालांकि, खेती बड़े स्तर पर शुरू करने से पहले किसान स्थानीय बाजार, उत्पादन लागत, तेल निकालने की सुविधा और संभावित खरीदारों की जानकारी जरूर प्राप्त करें। सही योजना और बाजार से जुड़ाव के साथ यह फसल किसानों के लिए अतिरिक्त आमदनी का माध्यम भी बन सकती है।
अतः किसान भाईयों से अपील है कि वह लेमन ग्रास की खेती शुरू करने से पहले कृषि विशेषज्ञों से अपने क्षेत्र की जलवायु, पानी की उपलब्धता मिट्टी की दशा और बाजार की सम्भावनाओं के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करने के बाद ही लेमन ग्रास की खेती शुरू करें और इस फसल का पूरा व्यवसायिक लाभ प्राप्त करने का प्रयास की अपनी आदनी को बढ़ा सकते हैं।

लेखकः प्रोफेसर आर. एस. सेंगर, अधिष्ठाता जैव प्रौद्योगिकी महाविद्यालय एवं निदेशक ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेरठ।