
मक्का की खेतीः एक विस्तृत कार्यक्रम Publish Date : 06/05/2026
मक्का की खेतीः एक विस्तृत कार्यक्रम
प्रो0 आर. एस. सेंगर एवं डॉ0 रेशु चौधरी
मक्का की खेती के लिए एक विस्तृत कार्यक्रम, जिसमें उर्वरक प्रयोग और प्रमुख प्रक्रियाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
भूमि की तैयारीः रोपाई से पहले हरित अमृत (150 कि.ग्रा./एकड़), डीएपी (50 कि.ग्रा.) और एमओपी (25-30 कि.ग्रा.) का प्रयोग करें।
प्रारंभिक वृद्धि (रोपाई के 35-40 दिन बाद): हरित अमृत सॉइलप्लस (10 कि.ग्रा./एकड़), यूरिया (25 कि.ग्रा./एकड़), मैग्नीशियम सल्फेट (5 कि.ग्रा.) और ह्यूमिक एसिड (500 ग्राम) का प्रयोग करें।
पुष्पप्रावस्थाः यूरिया (20 कि.ग्रा./एकड़), बोरॉन (20 कि.ग्रा./एकड़) और कैल्शियम (10 कि.ग्रा.) डालें, साथ ही कैल्शियम (250 ग्राम) का पर्णीय छिड़काव करें।

कटाई संबंधी सुझावः अधिकता से कमी के कारण बालियाँ ढीली हो जाती हैं। मक्का एक ठंडे मौसम की फसल है।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
