ट्रैन्च विधि से बोए गए गन्ने की सिंचाई के तरीके      Publish Date : 21/03/2026

ट्रैन्च विधि से बोए गए गन्ने की सिंचाई के तरीके

                                                                                           प्रोफेसर आर. एस. सेंगर एवं अन्य

ट्रेन्च ट्रैन्च विधि से बोए गए गन्ने की सिंचाई करने के लिए कुछ सुझाव हमारे आज के प्रस्तुत लेख में दिए गए हैं:

ट्रेन्च की गहराई और चौड़ाई

1. ट्रेन्च की गहराई: ट्रेन्च की गहराई 20-25 सेमी तक रखनी चाहिए।

2. ट्रेन्च की चौड़ाई: ट्रेन्च की चौड़ाई 30-40 सेमी तक रखनी चाहिए।

सिंचाई करने के तरीके:

                               

1. फ्लड सिंचाई: फ्लड सिंचाई में पानी को ट्रेन्च में भर दिया जाता है और गन्ने की जड़ों तक पहुंचाया जाता है।

2. ड्रिप सिंचाई: ड्रिप सिंचाई में पानी को ड्रिप के माध्यम से गन्ने की जड़ों तक पहुंचाया जाता है।

सिंचाई करने का समय:

1. गन्ने की फसल की उम्र: गन्ने की फसल की उम्र के अनुसार सिंचाई की जानी चाहिए। आमतौर पर गन्ने की फसल को 10-15 दिनों में एक बार सिंचाई की आवश्यकता होती है।

2. मिट्टी की नमी: मिट्टी की नमी के अनुसार सिंचाई की जानी चाहिए। यदि मिट्टी सूखी है, तो सिंचाई की आवश्यकता होती है।

3. मौसम: मौसम के अनुसार सिंचाई की जानी चाहिए। यदि मौसम गर्म और शुष्क है, तो सिंचाई की आवश्यकता होती है।

सिंचाई की मात्रा:

                          

1. गन्ने की फसल की उम्र: गन्ने की फसल की उम्र के अनुसार सिंचाई की मात्रा तय की जानी चाहिए। आमतौर पर गन्ने की फसल को 10-15 सेमी पानी की आवश्यकता होती है।

2. मिट्टी की नमी: मिट्टी की नमी के अनुसार सिंचाई की मात्रा तय की जानी चाहिए। यदि मिट्टी सूखी है, तो अधिक पानी की आवश्यकता होती है।

3. मौसम: मौसम के अनुसार सिंचाई की मात्रा तय की जानी चाहिए। यदि मौसम गर्म और शुष्क है, तो अधिक पानी की आवश्यकता होती है।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।